चाय निदेशालय के लिए राज्य सरकार ने दिये 100 करोड़: सौरभ
सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल के चाय बागानों और श्रमिकों की समस्या दूर करना ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सपना है. इसी उद्देश्य से ममता ने बंगाल में पहली बार चाय निदेशालय की स्थापना की है. यह कहना है इस निदेशालय के चेयरमेन सौरभ चक्रवर्ती का. वह शुक्रवार को सिलीगुड़ी से सटे फूलबाड़ी-कामरांगागुड़ी स्थित मिनी सचिवालय उत्तरकन्या […]
सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल के चाय बागानों और श्रमिकों की समस्या दूर करना ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सपना है. इसी उद्देश्य से ममता ने बंगाल में पहली बार चाय निदेशालय की स्थापना की है.
यह कहना है इस निदेशालय के चेयरमेन सौरभ चक्रवर्ती का. वह शुक्रवार को सिलीगुड़ी से सटे फूलबाड़ी-कामरांगागुड़ी स्थित मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवींद्रनाथ घोष की अगुवायी में हुयी प्रशासनीक बैठक के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे. श्री चक्रवर्ती ने बताया कि चाय निदेशालय दफ्तर के गठन के बाद यह पहली प्रशासनिक बैठक है.
उत्तर बंगाल के चाय बागानों और श्रमिकों की बदहाली सुधारने के लिए ममता सरकार से मिले सौ करोड़ रूपये के फंड को किस तरह इस्तेमाल किया जाय, इस पर गहन चर्चा हुई. साथ ही विकास की रूपरेखा तैयार की गयी. श्री चक्रवर्ती ने बताया कि चाय बागानों और श्रमिकों के चहुमुखी विकास के लिए 22 विशेषज्ञों व अधिकारियों की एक विशेष टीम बनायी गयी है. इस टीम को बंद चाय बागानों और श्रमिकों की वर्तमान अवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया गया है. निदेशालय की 29 अगस्त को होनेवाली मीटिंग में यह टीम रिपोर्ट पेश करेगी. जिसके आधार पर बागानों और श्रमिकों की बदहाली सुधारने व उनके विकास के लिए युद्धस्तर पर काम किया जायेगा.
श्री चक्रवर्ती ने कहा कि अभी बागानों में सबसे बड़ी समस्या पूजा बोनस को लेकर है. पहले सरकार इससे निपटेगी, फिर बागानों की मूलभूत समस्याओं को दूर करेगी. श्री चक्रवर्ती ने बताया कि चाय श्रमिक अपनी समस्याएं निदेशालय के पास बड़ी आसानी से जमा कर सकें, इसके लिए सिलीगुड़ी के हिलकार्ट रोड स्थित उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय (एनबीडीडी) के दफ्तर विवेकानंद भवन के पहले तल्ले में विभाग का दफ्तर खोला गया है. साथ ही एक अन्य दफ्तर कोलकाता में खोलने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है.