मालदा. मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर कदम रखते ही सीपीएम से तृणमूल में गयी गाजोल की विधायक दीपाली विश्वास का तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हंगामेदार स्वागत किया. जोश इतना अधिक था कि कार्यकर्ता अपनी पार्टी की रीति-नीति को भी भुला बैठे. कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की और हड़बड़ी से विधायक दीपाली विश्वास भी हैरानी में पड़ गयीं. कंचनजंघा एक्सप्रेस से पहुंची विधायक काफी देर तक ट्रेन के गेट पर ही खड़ी रहीं. वह समझ नहीं पा रही थीं कि यह कार्यकर्ताओं का उत्साह है या अव्यवस्था. लेकिन जब ट्रेन चलने को आयी तो कार्यकर्ताओं की ठेलाठेली के बीच ही उन्हें उतरना पड़ा.
स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म से बाहर निकलकर जब वह अपनी गाड़ी में बैठने लगीं, तब भी उन्हें ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा. कार्यकर्ताओं की ठेलाठेली के कारण विधायक अपनी गाड़ी में नहीं बैठ पायीं. वह एक दूसरी गाड़ी में सवार हुईं. वहां से रैली की शक्ल में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उनके साथ गाजोल पहुंचे.
बुधवार को दोपहर 1.40 बजे दीपाली विश्वास कोलकाता से मालदा पहुंचीं. स्टेशन पर उनके स्वागत के लिए गाजोल ब्लॉक और जिला तृणमूल के नेता व कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे. गाजोल इलाके से सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक मोटरसाइकिल और चारपहिया गाड़ी लेकर पहुंचे हुए थे. लेकिन ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही प्लेटफार्म पर कार्यकर्ताओं के बीच आगे आने के लिए ठेलाठेली शुरू हो गयी. इस अव्यवस्था के चलते आम रेल यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. अपना सामान लेकर ट्रेन से उतरे यात्री काफी देर तक प्लेटफार्म पर हंगामे के बीच फंसे रहे. किसी तृणमूल नेता के आगमन पर इस तरह ठेलाठेली हो सकती है, ऐसा अनुमान रेल पुलिस के अधिकारी भी नहीं लगा पाये थे. काफी देर इंतजार के बाद रेलयात्री स्टेशन से बाहर निकलकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो पाये.
दीपाली विश्वास गत 21 जुलाई को कोलकाता में तृणमूल में शामिल हुई थीं. इसके बाद से वह बुधवार को मालदा लौटीं. दीपाली विश्वास ने इस संबंध में कहा कि मुझे अंदाजा नहीं था कि गाजोल ब्लॉक और जिले से इतनी बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मेरा स्वागत करने पहुंचेंगे. बहुत से लोगों ने गुलदस्ता देकर मेरा स्वागत किया. इतनी भीड़ होने पर थोड़ी सी धक्का-मुक्की तो हो ही जाती है. लेकिन इससे कोई अव्यवस्था नहीं फैली. तृणमूल में शामिल होने के बाद मैं पहली बार मालदा आयी इसलिए उत्साह अधिक था. अब मैं पार्टी संगठन को दुरुस्त करने और इलाके के विकास के लिए काम करूंगी.
