सीमा पर बीएसएफ ने चलाया बड़ा अभियान, मिली कामयाबी, 132 पशु जब्त, आठ तस्कर गिरफ्तार
सिलीगुड़ी. खुफिया जानकारी मिलने के बाद 132 पशुओं को सीमापार बांग्लादेश तस्करी से बचा लिया गया है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और कस्टम के पी एंड आइ के संयुक्त अभियान में कुल आठ तस्करों की भी गिरफ्तारी हुई है. इसके अलावा कुल पांच ट्रक भी जब्त किये गये हैं. मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को […]
सिलीगुड़ी. खुफिया जानकारी मिलने के बाद 132 पशुओं को सीमापार बांग्लादेश तस्करी से बचा लिया गया है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और कस्टम के पी एंड आइ के संयुक्त अभियान में कुल आठ तस्करों की भी गिरफ्तारी हुई है. इसके अलावा कुल पांच ट्रक भी जब्त किये गये हैं. मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को तड़के फूलबाड़ी के गैंडामोड़ एवं हाथी मोड़ इलाके में अभियान चला कर 132 गायों को बचाया गया. बीएसएफ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सभी गाय बिहार नस्ल के हैं.
इन्हें बिहार के किशनगंज से पांजीपाता होते हुए कूचबिहार और असम पहुंचाया जाना था. जहां से इन पशुओं को अवैध रूप से सीमापार बांग्लादेश भेजे जाने की योजना थी. इस अभियान में आठ तस्करों की भी गिरफ्तारी हुई है.
इनमें अंतराष्ट्रीय गाय तस्कर गिरोह के उत्तर दिनाजपुर जिला के करनदिघी थाना अंतर्गत दालखोला निवासी अफसर अली(28), बिहार राज्य के कटिहार जिले के बैरमपुर थाना अंतर्गत मल्लिकपुर गांव निवासी मो़ आजाद (29), बंदलम थाना अंतर्गत मो़ फिरोज, खोरहा थाना अंतर्गत सनगासागर गांव निवासी मतिउर रहमान(32), बिहार के पूर्णिया जिले के बखरिया इलाका निवासी बैजू सोरेन(36), पुर्णिया सदर थाना अंतर्गत मो़ तनवीर(26) और बायसी थाना अंतर्गत वकरिया गांव निवासी मो़ मन्नान(25) शामिल है. बीएसएफ का कहना है कि इनमें से अधिकांश ही श्रमिक हैं और अब तस्करी करने लगे हैं. बीएसएफ पिछले काफी समय से गाय तस्करी पर रोक लगाने के लिये प्रयासरत है. खुफिया तंत्र से गायों की तस्करी के सभी रास्तों का पता बीएसएफ को चल गया है.
क्या कहते हैं आइजी: बीएसएफ के आइजी(नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर) कमल नयन चौबे ने कहा कि पहले ग्रामीणों की आड़ लेकर गाय तस्करी का यह धंधा बड़ा ही फल-फूल रहा था. जानकारी के बाद बीएसएफ ने अभियान चलाकर पशुओं को जब्त किया और तस्करों की गिरफ्तारी भी की. पशु तस्करी के खिलाफ बीएसएफ का सख्त रुख देखकर तस्कर घबड़ा गये हैं. हाल ही में तस्करों के साथ बीएसएफ जवानों की मुठभेड़ हुई थी. इसमें बीएसएफ के आठ जवान भी घायल हुए थे. तस्करों का मनोबल तोड़ने के लिये बीएसएफ की ओर से लगातार अभियान जारी है. मंगलवार को बीएसएफ और एसएसबी द्वारा जब्त पशु और गाय की बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये की है. बीएसएफ सीमांत से 15 किलोमीटर के दायरे में ही अभियान चला सकती है. इस वजह से तस्करों पर लगाम लगाने के लिए कस्टम र राज्य पुलिस से भी संपर्क किया गया है. किसी भी कीमत पर पशु तस्करों को बख्शा नहीं जायेगा.
एसएसबी ने जब्त किये 55 पशु, नौ लोग गिरफ्तार
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने दो अलग-अलग मामलों में 55 पशु जब्त कर लिये हैं. इन पशुओं को नेपाल से भारतीय सीमा क्षेत्र में लाया जा रहा था. एसएसबी के 41वीं बटालियन के कमांडेंट राजीव राणा ने बताया है कि पहली कार्रवाई मंगलवार को तड़के करीब तीन बजे हुई. एसएसबी के जवान पानीटंकी के बजरूलछठ बीओपी के निकट जब गश्त लगा रहे थे तब नेपाल सीमा से सभी पशुओं को भारतीय सीमा क्षेत्र में लाया जा रहा था. एसएसबी के जवानों ने सभी पशुओं को जब्त कर लिया.
छह लोग हिरासत में भी लिये गये हैं और इनके पास से दस हजार रुपये नगद भी बरामद किये गये हैं. श्री राणा ने बताया कि इन सभी पशुओं को तस्करी के जरिये भारत लाया जा रहा था.एक अन्य मामले में उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के निकट 20 पशु जब्त किये गये हैं. इन सभी पशुओं को एक बड़े ट्रक में ठुस-ठुसकर भरा गया था. इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है.
एसएसबी ने ट्रक को भी जब्त कर लिया है. श्री राणा ने बताया कि इन पशुओं को भी नेपाल से लाया गया है.