सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के एक प्रमुख व्यवसायी सिक्किम सरकार को एक करोड़ पांच लाख रुपये का चूना लगाया है. राज्य सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर यह हेराफेरी की गयी. इस मामले में सिक्किम सरकार के विजिलेंस विभाग ने सिलीगुड़ी के मनोकामना फ्लावर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
मामले में तत्कालीन डीसीएसओ दिलीप छेत्री सहित कई विभागीय अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है. इनमें से दिलीप छेत्री की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी मनोज कुमार अग्रवाल की गिरफ्तारी को लेकर सिक्किम पुलिस ने सिलीगुड़ी में कई स्थानों पर छापामारी की है.
हालांकि अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पायी है. विजिलेंस विभाग के निदेशक अक्षय श्रीवास्तव ने बताया है कि सिक्किम सरकार की जन वितरण प्रणाली की दुकानों में गेहूं तथा गेहूं निर्मित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति का ठेका मनोकामना फ्लावर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, सिलीगुड़ी को दिया गया था. आरोप है कि जन वितरण प्रणाली की दुकानों में इन वस्तुओं की आपूर्ति नहीं की गयी. शिकायत आने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी. जांच में पाया गया कि दो चरणों में एक करोड़ पांच लाख रुपये की हेराफेरी की गयी है. पहले चरण में दो हजार क्विंटल गेहूं की आपूर्ति का ठेका मनोज कुमार अग्रवाल की कंपनी को दिया गया था. बगैर किसी आपूर्ति के ही उन्होंने सिक्किम सरकार से 20 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया. वहीं दूसरे चरण में 17 हजार क्विंटल चोकर की आपूर्ति की जानी थी. इसमें भी बगैर किसी आपूर्ति के 85 लाख रुपये सिक्किम सरकार से ले लिये गये.
श्री श्रीवास्तव ने बताया कि मनोकामना फ्लावर मिल्स ने जिन दुकानों में आपूर्ति दिखायी है उनमें से 70 प्रतिशत दुकानों का कोई अस्तित्व ही नहीं है. इससे जाहिर है कि विभागीय अधिकारियों से मिलकर मनोज अग्रवाल ने यह हेराफेरी की है. विजिलेंस विभाग ने गत 4 अगस्त को सिलीगुड़ी से तत्कालीन डीसीएसओ दिलीप छेत्री को गिरफ्तार किया था. वह अभी विजिलेंस की रिमांड पर हैं. श्री श्रीवास्तव ने कहा कि मनोज अग्रवाल की मिल पर भी छापामारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये गये हैं.
