कल मालदा आ रही हैं विधायक दिपाली विश्वास
मालदा: माकपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने वाली गाजोल की विधायक दीपाली विश्वास को लेकर पार्टी के अंदर ही दुविधा की स्थिति है. पार्टी के एक धड़े ने दिपाली विश्वास का विरोध करना शुरू कर दिया है. 10 अगस्त को दिपाली विश्वास कंचनजंगा एक्सप्रेस से कोलकाता से मालदा लौट रही है. 21 जुलाई को […]
मालदा: माकपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने वाली गाजोल की विधायक दीपाली विश्वास को लेकर पार्टी के अंदर ही दुविधा की स्थिति है. पार्टी के एक धड़े ने दिपाली विश्वास का विरोध करना शुरू कर दिया है. 10 अगस्त को दिपाली विश्वास कंचनजंगा एक्सप्रेस से कोलकाता से मालदा लौट रही है. 21 जुलाई को शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिपाली विश्वास तृणमूल में शामिल हो गई थी.
उसके बाद से वह कोलकाता में ही थी. माकपा छोड़कर तृणमूल में शामिल होने के बाद वह पहली बार मालदा लौट रही हैं. उनके स्वागत तथा सम्मान को लेकर तृणमूल के अंदर गुटबाजी देखी जा रही है. आलम यह है कि उनके आने की खबर सुनकर पार्टी के गाजोल ब्लॉक के तृणमूल अध्यक्ष जयंत घोष तथा चार शीर्ष नेता गाजोल छोड़कर अन्यत्र चले गये हैं. इन लोगों का कहना है कि वह लोग व्यक्तिगत काम से बाहर हैं. ऐसा माना जा रहा है कि दिपाली विश्वास के स्वागत समारोह में शामिल नहीं होना पड़े, इसी कारण से यह चारों नेता गाजोल में नहीं हैं. बुधवार को विधायक के स्वागत तथा सम्मान को लेकर गाजोल तृणमूल नेताओं की यहां एक बैठक हुई. हालांकि इस बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष जयंत घोष सहित पंचायत समिति के अध्यक्ष प्रभात पोद्दार, पूर्व विधायक सुशील राय, तृणमूल नेता गौर चक्रवर्ती, रविन्द्र प्रसाद, शिशिर चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे. इसी बैठक में नेताओं के बीच भारी असंतोष देखने को मिला. कई नेताओं ने साफ कह दिया कि वह लोग झंडे तथा बैनर ले के विधायक के स्वागत के लिए नहीं जायेंगे. वहीं कुछ नेता ऐसे भी थे जो दिपाली विश्वास के स्वागत के लिए जोर-शोर से तैयारी करने के पक्ष में थे. इसी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिपाली विश्वास के स्वागत में 200 मोटरसाइकिल तथा 100 चारपहिया वाहन की रैली निकाली जायेगी.
हालांकि इन सभी गाड़ियों में पार्टी के झंडे और बैनर नहीं लगाये जायेंगे. सिर्फ 50 से 60 गाड़ियों में ही तृणमूल का झंडा लगाने का निर्णय लिया गया है. इधर, दिपाली विश्वास के समर्थकों का कहना है कि ऐसी क्या घटना हो गई कि वह विधायक का चुनाव जीतने के दो महीने के अंदर ही माकपा छोड़कर तृणमूल में शामिल हो गई. इस रहस्य का पर्दाफाश होना चाहिए. उनके समर्थकों को भी अभी तक कोई साफ निर्देश उनकी ओर से नहीं मिला है. तृणमूल में शामिल होने के बाद वह पहली बार मालदा आ रही हैं.
इसलिए समर्थकों के साथ न तो उनकी कोई बातचीत हुई और ना ही कोई बैठक. वह गाजोल आयेंगी तो सभी लोग उनसे पार्टी छोड़ने के कारणों का पता करेंगे. इन लोगों ने आगे कहा कि इससे पहले के विधायक सुनील राय भी कांग्रेस छोड़कर तृणमूल में शामिल हुए थे. तब उन्होंने भी विकास के कई वादे किये थे. उन्होंने गाजोल को नगरपालिका बनाने, महिला कॉलेज तथा दमकल केन्द्र बनाने सहित और भी कई वादे किये थे. कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ है. अब दिपाली विश्वास तृणमूल में जाकर क्या वादा करती हैं, इसी पर सबकी निगाहें टिकी हुई है.
क्या कहते हैं तूणमूल नेता
तृणमूल नेता तथा पार्टी अध्यक्ष जयंत घोष ने बताया है कि तृणमूल में शामिल होने के बाद दिपाली विश्वास बुधवार को यहां लौट रही हैं. उनके स्वागत के लिए पूर्व विधायक सुशील राय, तृणमूल नेता मणी पाल, गाजोल पंचायत समिति के अध्यक्ष प्रभात पोद्दार सहित अन्य नेता उपस्थित रहेंगे. हालांकि वह व्यक्तिगत कारणों से विधायक के स्वागत के लिए मौजूद नहीं रहेंगे. वह कोलकाता में रहेंगे. बाद में वह विधायक के सम्मान समारोह में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि विधायक को पार्टी की नीति और आदर्श मानकर चलने के लिए कहा गया है. उन्हें साफ-साफ कहा गया है कि किसी दूसरे के इशारे पर काम करना नहीं चलेगा.