यह मामला कालिंपोंग महकमा क्षेत्र के अंतर्गत जलढाका थाना के बिंदू बाजार इलाके का है. मृतका की शादी करीब बारह साल पहले बिंदू बाजार निवासी भक्त बहादुर गुरूंग के साथ हुयी थी. बाद में कैंसर की वजह से भक्त बहादुर की मौत हो गयी थी. इसके बाद से मीना अकेली ही रहती थी. स्थानीय मानिक कुमार भुजैल का मीना के घर आना जाना था. दीपक मोथे ने बताया कि वर्ष 2014 के 18 मार्च होली की रात उसकी बहन मीना गुरूंग की मौत की खबर मिली. उस समय वह दिल्ली में था. जानकारी मिलते ही वह सिलीगुड़ी के लिये रवाना हुआ. शव का पोस्टमार्टम होने के बाद अंतिम संस्कार किया. इसके बाद स्थानीय मानिक कुमार भुजेल और उसके परिवार पर हत्या का मामला दर्ज करा दिया.
जलढाका थाने में इसकी शिकायत दर्ज करायी गयी. दीपक ने बताया कि मानिक कुमार भुजेल के साथ बहन का अवैध संबंध था. मानिक पहले से शादी शुदा है और उसकी चार बेटिया है. दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने मानिक कुमार की पत्नी कुमारी भुजैल और उसके दामाद रोनू गुरूंग को गिरफ्तार किया. बाद में उसे जमानत मिल गयी. 24 जून 2014 को रोनू के कसाई की दुकान पर काम करने वाला गंगा दर्जी के साथ दीपक की मुलाकात हुयी. गंगा ने दीपक को इस हत्याकांड के काफी कुछ रहस्यों से वाकिफ कराया था. लेकिन अगली सुबह गंगा का शव बरमद हुआ. गंगा के परिजनों ने उसकी मौत को आत्महत्या का मामला बताकर दबाने की कोशिश की. दीपक ने बताया कि मीना गुरूंग हत्याकांड के साथ गंगा दर्जी की मौत का संबंध है.
उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस ने कोइ कार्यवायी नहीं की. इधर पुलिस से बचने के लिये मानिक राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो ग. इसके बाद पुलिस की जांच की रफ्तार धीमी हो गयी. इस दौरान पुलिस के कई अधिकारियों का भी तबादला हो गया. नये अधिकारियों से भी उसने मुलाकात की, लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ.
दीपक का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने काफी कुछ नजर अंदाज किया है. इसी वजह से पुलिस अब तक हत्यारे तक नहीं पहुंच पायी है. एक पुलिस अधिकारी के रिपोर्ट के अनुसार मानिक के दामाद रोनू ने हत्या के रहस्य को उजागर करने का जिक्र किया है. पुलिस ने उससे दोबारा पूछताछ ही नहीं की. एक पुलिस अधिकारी ने रोनू की पत्नी और मानिक की बेटी रिशा भुजेल को फरार बताया है तो अन्य अधिकारी ने रिपोर्ट में कहा है कि रिशा ने जांच में पुलिस की काफी मदद की है. जबकि अदालत में दाखिल चार्जशीट में पुलिस का कहना है कि रिश अब तक फरार है. दीपक ने कहा कि न्याय मिलने के आसार नजर नहीं आने के बाद उन्होंने कलकत्ता हाइ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. देश के संविधान पर उसे भरोसा है और वे बहन के इंसाफ दिला कर रहेंगे.
