कालियागंज नगरपालिका. स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ की बैठक
कालियागंज : प्रियरंजन दासमुंशी तथा दीपा दासमुंशी के शहर कालियागंज में ही इनदिनों कांग्रेस का अस्तित्व संकट में है.अब इस अस्तित्व की रक्षा में दीपा दासमुंशी मैदान में उतर गयी हैं. ऐसे विधानसभा चुनाव के समय जिस कार्तिक पाल को दीपा ने कांग्रेस का सिपाही बताया था,आज उसी कार्तिक पाल ने कांग्रेस के पलीता लगा दिया.वह कांग्रेस के दस पार्षदों को लेकर तृणमूल में शामिल हो गये हैं.
कालियागंज नगरपालिका के अध्यक्ष अरूण दे सरकार के खिलाफ पहले ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है.इस नगरपालिका से कांग्रेस का कब्जा खत्म होना तय है.ऐसी परस्थिति में दीपा दासमुंशी यहां पहुंच गयी हैं. उन्होंने बृहस्पतिवार की रात को कांग्रेस नेताओं के साथ एक बैठक भी की.उनके घर पर आयोजित इस बैठक में कांग्रेस के तीन पार्षद नगरपालिका अध्यक्ष अरूण दे सरकार भी उपस्थित थे.तीन अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना है. उसके बाद कांग्रेस छोड़कर जाने वालों के खिलाफ यहां एक धिक्कार रैली निकाली जायेगी.बैठक
के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दीपा दासमुंशी ने कहा कि कांग्रेस के बचे हुए चारों पार्षद आमलोगों की सेवा करेंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करेंगे.यहां उल्लेखनीय है कि 17 सदस्यीय नगरपालिका चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी. इसबीच,विधानसभा चुनावा में दोबार जीत हासिल कर सत्ता में आने के बाद समीकरण पूरी तरह से बदल गया है. तृणमूल के पास दूसरे दलों से आये 12 पार्षद हैं.कांग्रेस के पास अब चार ही पार्षद रह गये हैं,जबकि एक पार्षद माकपा का है.
