आम मरीज और उनके परिजन परेशान
सिलीगुड़ी और किशनगंज का काटना पड़ता है चक्कर
विधायक से लगायी मदद की गुहार
कालियागंज : उत्तर दिनाजपुर जिले के चाकुलिया इलाके में स्वास्थ्य सेवा इन दिनों पूरी तरह से चरमरा गई है. करीब एक साल पहले यहां स्थित प्राथमिक अस्पताल का दर्जा बढ़ाकर उसे ग्रामीण अस्पताल कर दिया गया, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की कोशिश नहीं की गई. पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों तथा नर्सोँ एवं अन्य कर्मचारियों के नहीं होने से यहां इलाज कराने आने वाले रोगियों तथा उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अस्पताल के ढांचागत सुविधाओं में भी कोई विकास नहीं हुआ है.
स्वास्थ्य विभाग सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, यहां एक बीएमओएच, पांच डॉक्टर, दस नर्स तथा ग्रुप बी के तीन कर्मचारी नियुक्त हैं. आरोप है कि डॉक्टरों तथा नर्सों के नियमित रूप से अस्पताल नहीं आने की वजह से रोगियों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है. स्थानीय लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, इस अस्पताल में कुल 30 बेड हैं. उसके बाद भी रोगियों को भरती करने में आनाकानी की जाती है. बाध्य होकर रोगियों को अपनी चिकित्सा के लिए बिहार के किशनगंज अथवा सिलीगुड़ी जाना पड़ता है. आम रोगियों के लिए इतनी दूर जाकर इलाज करा पाना संभव नहीं है. स्थानीय लोगों ने इस मामले में चाकुलिया के फारवर्ड ब्लॉक विधायक अली इमरान रमज से मदद की गुहार लगायी है. विधायक ने ही इस मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा है कि वह इस मुद्दे को लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग से बात करेंगे और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मिलेंगे.
