आक्रोशित ग्रामीणों ने पांच घंटे जाम रखा एनएच 81
मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
मालदा : हाइटेंशन तार टूट कर गिरने से एक किसान की मौत हो गयी, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 81 को जाम कर दिया. खबर पाकर इलाके में पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर उसके सामने भी प्रदर्शन किया. शुक्रवार की सुबह यह घटना चांचल महकमा के हरिश्चंद्रपुर थाने के भवानीपुर इलाके में घटी. ग्रामीणों ने चौमाथा मोड़ पर सुबह आठ बजे से सड़क जाम शुरू किया जो दोपहर एक बजे तक चला.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक किसान का नाम सामिउल इसलाम (45) है. सुबह वह खेत में काम कर रहा था तभी अचानक एक हाइटेंशन तार टूटकर अचानक उसके ऊपर गिर गया. करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. जैसे ही इलाके के लोगों को खबर मिली वे भागकर घटनास्थल पर पहुंचे. इसके बाद ग्रामीणों ने उसके शव के साथ एनएच 81 पर जाम लगा दिया.
ग्रामीणों का आरोप है कि पांच महीने पहले भी इस तरह की घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी. तभी भी मृतक के परिवार को मुआवजे के लिए विरोध प्रदर्शन किया गया था, लेकिन आज तक उस परिवार को कुछ नहीं मिला. ग्रामीणों ने मांग की कि बार-बार तार टूटने की घटना क्यों हो रही है, इसकी विस्तृत जांच करायी जाये.
हरिश्चंद्रपुर-1 ग्राम पंचायत समिति के पूर्व सदस्य विनोद गुप्त ने बताया कि इलाके में ऐसी घटनाएं बार-बार होने के बावजूद बिजली विभाग और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है. इसी कारण ग्रामीणों का गुस्सा फूटा है. हमारी मांग है कि जिन लोगों ने अपनी ड्यूटी में लापरवाही की है उन्हें सजा मिले.
बिजली वितरण कंपनी के मालदा के रिजनल मैनेजर दिलीप कुमार बाछाड़ ने कहा कि अगर विभाग की लापरवाही के चलते किसी की मौत होती है तो मुआवजा देने का प्रावधान है. अगर जांच में तार लगाने में किसी की कोई लापरवाही पायी जाती है, तो सभी जरूरी कदम उठाये जायेंगे. साथ ही मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जायेगा. यह तार कब लगाया गया था और नया तार लगाया गया था कि नहीं, इस बारे में भी छानबीन की जा रही है.
इधर पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों से बातचीत के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा लिया. साथ ही दोपहर में शव को बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए मालदा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया.
