अवैध निर्माण को लेकर बस नोटिस पर नोटिस
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके में अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम गंभीर नहीं है. यही वजह है कि अवैध निर्माण को तोड़ने को लेकर नगर निगम ने कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है. अन्य वार्डों की क्या कहें, स्वयं मेयर अशोक भट्टाचार्य के वार्ड नंबर 6 में अवैध निर्माण का बोलबाला है. यहां […]
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके में अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम गंभीर नहीं है. यही वजह है कि अवैध निर्माण को तोड़ने को लेकर नगर निगम ने कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है. अन्य वार्डों की क्या कहें, स्वयं मेयर अशोक भट्टाचार्य के वार्ड नंबर 6 में अवैध निर्माण का बोलबाला है. यहां पर ड्रेनों पर कब्जा कर पक्के मकान बना लिये गये हैं. इन अवैध निर्माण को खत्म करने के लिए स्थानीय लोगों ने सिलीगुड़ी नगर निगम से कई बार इसकी शिकायत की,
लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ है. शिकायत मिलने के बाद नगर निगम द्वारा बस नोटिस जारी कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. ऐसा ही एक मामला वार्ड नंबर 6 के अधीन डांगीपाड़ा इलाके का है. आरोप है कि यहां रहने वाले जीयाउर रहमान ने हाईड्रेन पर कब्जा कर पक्का किचन का निर्माण कर लिया है. सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने इस किचन पर ही दो तल्ला एक कमरा भी बना लिया है.
स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और इस अवैध निर्माण को हटाने को लेकर नगर निगम से शिकायत भी की गई. इसके बाद नगर निगम की ओर से जीयाउर रहमान को अवैध निर्माण हटाने के लिए करीब आधे दर्जन नोटिस दिये गये. उसके बाद भी अवैध निर्माण जस का तस बना हुआ है. वार्ड के लोगों को इस बात को लेकर काफी रोष है. जीयाउर रहमान के पड़ोसियों ने इसकी शिकायत राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रेन पर कब्जा कर लिये जाने के कारण ना केवल सड़क पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है, बल्कि हाईड्रेन की साफ-सफाई पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है. इस बीच, नगर निगम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ड्रेन पर अवैध कब्जा करने वाले जीयाउर रहमान को पहली नोटिस 11 सितंबर 2013 को दी गई थी. उसके बाद से लेकर अब तक करीब तीन साल के दौरान अवैध रूप से कब्जा करने वाले जीयाउर रहमान को कई नोटिस दिये गये हैं. उसके बाद भी ड्रेन पर अवैध कब्जा बरकरार है. सूत्रों ने आगे बताया कि सिलीगुड़ी नगर निगम के कमिश्नर ने नोटिस नंबर 177/एन/बिल्डिंग/14-15 के द्वारा अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए कड़ी चेतावनी दी गई.
18 अक्टूबर 2014 को जारी इस नोटिस में कहा गया था कि यदि सात दिनों के अंदर इस अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया, तो नगर निगम के कर्मचारी आगे बगैर किसी सूचना के कानून के अनुसार उस अवैध निर्माण को तोड़ देंगे. इस नोटिस के जारी हुए भी करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बीत चुका है. अवैध निर्माण को तोड़ने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस बीच, नगर निगम ने इस महीने की चार तारीख को एक और नोटिस जारी किया है. नगर निगम से मिले दस्तावेजों के अनुसार, नोटिस संख्या 87/एन/बिल्डिंग/एसएमसी/16-17 में भी कड़ी कार्रवाई की धमकी दी गई है.
इस नोटिस में भी जीयाउर रहमान को सात दिनों के अंदर अवैध निर्माण को तोड़ कर हटाने के लिए कहा गया है. ऐसा नहीं होने पर नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा अवैध निर्माण को तोड़ कर हटा देने की धमकी दी गई है. स्थानीय लोग नगर निगम के इस नोटिस से भी संतुष्ट नहीं हैं. इन लोगों का कहना है कि पिछले तीन सालों से नोटिस का दौर जारी है. जैसे पहले की नोटिसों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, वैसे ही इस बार भी कोई कार्रवाई नहीं होगी. इसको लेकर जीयाउर रहमान के पड़ोसी तथा स्थानीय लोग सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य पर भी निशाना साध रहे हैं. इन लोगों का कहना है कि मेयर अपने ही वार्ड में अगर अवैध निर्माण को खत्म नहीं करा पा रहे हैं तो अन्य वार्डों में क्या कार्रवाई करेंगे. दूसरी ओर मेयर अशोक भट्टाचार्य इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं.
नगर निगम के रवैये से आम लोग हैरान
मेयर के वार्ड में ही ड्रेन पर कब्जा
कड़ी कार्रवाई की कोई पहल नहीं