पिछल 24 घंटे के दौरान सिलीगुड़ी तथा इसके आसपास के इलाके में बारिश की स्थिति सुधरी है. मौसम विभाग ने भी साफ कर दिया था कि बुधवार से मौसम का मिजाज सुधरेगा.हांलाकि आसमान में बादल तो रहेंगे,लेकिन बारिश की संभावना कम है. इसबीच,बारिश के रूक जाने से सिलीगुड़ी के लोगों ने राहत की सांस ली है.
लगातार बारिश की वजह से बाढ़ और जल जमाव ने लोगों का जीना दूभर कर दिया था.अब बारिश रूकते ही धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है.सिलीगुड़ी नगर निगम के अधिन 47 वार्डों मे से आधे से अधिक में जल जमाव की स्थिति बनी हुयी थी. खासकर वार्ड 1,3,4,5,31,32,42,43,45,46 आदि में तो स्थिति काफी खराब थी. लोगों को घुटने भर पानी में चलकर घर जाना पड़ रहा था.इसके अलावा कइ घरों में भी पानी घुस गया था. बुधवार से स्थिति में सुधार होने लगा है. अधिकांश वार्डों में पानी उतर गया है.इसके अलावा बाढ़ की स्थिति भी सुधर गयी है. महानंदा का जलस्तर तो पहले ही कम हो गया था. आज से पंचनयी तथा महिशमारी नदी का जलस्तर भी कम हो गया है. इन नदियों के जलस्तर कम होने से सैकड़ों परिवारों ने राहत की सांस ली है. नदी किनारे बने घरों में रह रहे लोग अबतक आतंक में जी रहे थे.बारिश नहीं होने से नगर निगम के कर्मचारी भी राहत महसूस कर रहे हैं. इनलोगों को आमलोगों के रोष का शिकार होना पड़ रहा था.
इलाकाइ लोग नगर निगम पर विफल होने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.बुधवार से इन प्रदर्शनों का दौर भी रूक गया है.इसबीच,बाढ़ प्रभावित लोग भी राहत शिविरों से वापस घर लौटने लगे हैं.बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव माटीगाड़ा,नक्सलबाड़ी तथा फांसीदेवा इलाके में पड़ा था.यहां विभिन्न स्कूलों में 15 से बीस राहत शिविर बनाये गए है. इन शिविरों से काफी लोग बुधवार को अपने-अपने घरों को लौट गए.इधर,पानी कम होने के बाद प्रभावित इलाकों में बीमारी का खतरा मंडराने लगा है. इसको देखते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गयी है.इस संबंध में दार्जिलिंग के जिला अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि सिर्फ स्वास्थ विभाग ही नहीं,डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग के कर्मचारियों की भी छुट्टियां रद्द कर दी गयी है.
