सिलीगुड़ी : जापानी बुखार ‘इंसेफलाइटिस’ ने 24 घंटे के अंदर दो की जान ले ली. दोनों की मौत इलाज के दौरान उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में हुई है. मेडिकल कॉलेज के आधिकारिक सूत्रों से मिले तथ्यों के अनुसार, अलीपुरद्वार जिले के सामुकतला निवासी गेरेगौरी तिर्की (62) कल यानी शुक्रवार इलाज के लिए अस्पताल में भरती हुए और रात में ही उनकी मौत हो गयी.
वहीं, जलपाईगुड़ी जिले के ताल्मा की रहनेवाली सायरा बानू (20) गुरु वार को अस्पताल में भरती हुई और उसकी मौत आज तड़के हो गयी. मेडिकल कॉलेज से मिले आकड़ों के अनुसार, इस जानलेवा बुखार से इसी वर्ष जनवरी से आज दोपहर 12 बजे तक कुल 46 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं, 15 मरीजों का इलाज अभी भी उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रहा है. इनमें अधिकांश मरीज डुवार्स के चाय बगान इलाकों के रहनेवाले हैं. मेडिकल कॉलेज में इंसेफलाइटिस से पीड़ित अभी भी 15 लोगों की चिकित्सा चल रही है. इनमें से दो बच्चे शामिल हैं.
इस बीच आज उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव ने मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टरों तथा अधिकारियों के लेकर एक बार फिर से उच्चस्तरीय बैठक की. वह दो दिन पहले ही मेडिकल कॉलेज के दौरे पर गये थे और अस्पताल परिसर में गंदगी को देखते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की थी.
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था सही ढंग से कराने को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की. बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए श्री देव ने कहा कि इंसेफलाइटिस से स्थिति नियंत्रण में है. राज्य सरकार इंसेफलाइटिस प्रभावित इलाके में हर वर्ष जेइ टीकाकरण अभियान चलाना चाहती है, लेकिन केंद्र से सहयोग नहीं मिलने के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है. वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बातचीत करेंगे. श्री देव ने आगे कहा कि उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में विभिन्न ढांचागत सुविधाओं के विकास का निर्णय लिया गया है.
इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है. जब वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलेंगे, तब इन मुद्दों पर भी चरचा की जायेगी.
