एसजेडीए घोटाला. कई बड़े नेताओं की उड़ी नींद, आइएएस अफसर की गिरफ्तारी से हड़कंप

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) में करीब 200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच में नया मोड़ आ गया है. सीआइडी ने एसजेडीए के तत्कालीन सीइओ तथा मालदा के पूर्व जिला अधिकारी किरण कुमार गोदाला को बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया है. गोदाला की गिरफ्तारी काफी गुप-चुप तरीके से हुई. एसजेडीए घोटाला मामले […]

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) में करीब 200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच में नया मोड़ आ गया है. सीआइडी ने एसजेडीए के तत्कालीन सीइओ तथा मालदा के पूर्व जिला अधिकारी किरण कुमार गोदाला को बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया है. गोदाला की गिरफ्तारी काफी गुप-चुप तरीके से हुई.

एसजेडीए घोटाला मामले में किरण कुमार गोदाला से सीआइडी पूछताछ कर रही है, इसकी किसी को कानों-कान खबर तक नहीं हुई. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे मामले को गुप-चुप तरीके से अंजाम दिया गया. यही वजह है कि सीआइडी ने गोदाला किरण कुमार से न तो सिलीगुड़ी के किसी थाने में और न ही मल्लागुड़ी के पुलिस लाइन में पूछताछ की.

सूत्रों ने बताया कि एसजेडीए मामले में पूछताछ के लिए सीआइडी ने गोदाला किरण कुमार को नोटिस जारी किया था. गोदाला किरण कुमार दिन के करीब 2 बजे कोलकाता से सिलीगुड़ी पहुंच गये थे. पूरे मामले को गुप्त रखने के लिए सीआइडी ने गोदाला किरण कुमार को दाजिर्लिंग मोड़ के निकट बने जीटीए के अधीन पिंटेल विलेज बुलाया. किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि एसजेडीए घोटाले के मुख्य आरोपी से पिंटेल विलेज में पूछताछ की जायेगी. करीब 7 घंटे तक कड़ी पूछताछ के बाद आखिरकार रात 10 बज कर 8 मिनट पर गोदाला किरण कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. दूसरी बार इस मामले में गोदाला किरण कुमार की गिरफ्तारी हुई है. इससे पहले वर्ष 2013 में 30 नवंबर को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर के जयरमण ने गोदाला किरण कुमार को गिरफ्तार किया था. तब वह (गोदाला किरण कुमार) मालदा के डीएम थे. इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि 24 घंटे के अंदर ही गोदाला किरण कुमार को जमानत दे दी गयी और उन्हें गिरफ्तार करने वाले पुलिस कमिश्नर जयरमण को उनके पद से हटाकर कोलकाता बुला लिया गया. इस मामले को लेकर यहां काफी हायतौबा भी मची थी. गोदाला किरण कुमार अभी कृषि विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात हैं. इस बीच, गोदाला किरण कुमार की गिरफ्तारी के बाद पूरे सिलीगुड़ी में हड़कंप मचा हुआ है. शहर में हर तरफ किरण कुमार की गिरफ्तारी तथा एसजेडीए घोटाले की चर्चा की जा रही है. गोदाला की गिरफ्तारी के बाद कई नेताओं की भी नींद उड़ी हुई है.

दूसरी तरफ इस मामले को लेकर माकपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोरचा खोल दिया है. माकपा नेता तथा सिलीगुड़ी के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने गोदाला किरण कुमार की गिरफ्तारी का स्वागत किया है और अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की मांग की है. उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पार्टी के कई नेता इस घोटाले में लिप्त हैं. सरकार उनकी गिरफ्तारी नहीं कर रही है. उन्होंने एसजेडीए के तत्कालीन चेयरमैन तथा सिलीगुड़ी से तृणमूल कांग्रेस के विधायक रूद्रनाथ भट्टाचार्य की गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआइ जांच की भी मांग की है. गोदाला किरण कुमार की गिरफ्तारी के बाद माकपा ने राज्य सरकार के खिलाफ आक्रामक रूख अख्तियार कर लिया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है.

एसएफआइ तथा डीवाइएफआइ की ओर से आज जुलूस भी निकाला गया. यहां उल्लेखनीय है कि एसजेडीए घोटाला मामले में अब तक एसजेडीए के तत्कालीन चेयरमैन तथा सिलीगुड़ी के विधायक रूद्रनाथ भट्टाचार्य, कांग्रेस नेता तथा माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक शंकर मालाकार, तृणमूल कांग्रेस नेता तथा सिलीगुड़ी नगर निगम के पार्षद रंजनशील शर्मा, चंदन भौमिक आदि सहित कई नेताओं से पूछताछ हो चुकी है. सिलीगुड़ी में इस बात की भी चर्चा जोर-शोर से जारी है कि गोदाला किरण कुमार की गिरफ्तारी के बाद अगला नंबर किसका आयेगा. आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है.

जमानत याचिका खारिज: एसजेडीए में हुए 200 करोड़ के घोटाला मामले में गिरफ्तार तत्कालीन सीइओ व मालदा के पूर्व डीएम गोदाला किरण कुमार को बंगाल पुलिस की सीआइडी ने गुरुवार को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) देवांजन दास से सीआइडी ने चार दिन के रिमांड की अपील की. वहीं बचाव पक्ष के वकीलों तरीत ओझा व अत्री देव शर्मा ने गोदाला को जमानत देने की याचिका दायर की. साथ ही एसजेडीए घोटाले की जांच कर रही पुलिस पर गोदाला को बार-बार परेशान करने का आरोप भी लगाया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर गोदाला किरण कुमार को चार दिन की रिमांड पर भेज दिया.

क्या है मामला: सिलीगुड़ी में एसजेडीए घोटाला अपने आप में अद्भूत घोटाला है. करीब 200 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप सामने आ रहे हैं. इसमें से कई मामले तो ऐसे भी हैं, जहां बगैर किसी काम के ही ठेकेदारों को करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया. इसके अलावा कुछ मामले ऐसे हैं जिसमें बाजार दर से अधिक कीमत पर वस्तुओं की खरीद की गयी और उसकी क्वालिटी भी अच्छी नहीं थी. सीआइडी ने एसजेडीए के तत्कालीन सीइओ गोदाला किरण कुमार को फिलहाल दो मामलों में गिरफ्तार किया है. इनमें से मैनागुड़ी में विद्युत शवदाह चूल्हे के निर्माण तथा सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके में विभिन्न ट्राफिक प्वाइंटों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का मामला शामिल है. अन्य मामलों के भी जांच चल रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैनागुड़ी में विद्युत शवदाह चूल्हे के निर्माण को लेकर ठेकेदारों को 9 करोड़ 74 लाख 38 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया.

जांच के बाद पता चला कि मैनागुड़ी में विद्युत शवदाह चूल्हे के निर्माण को लेकर कोई काम नहीं हुआ है और ठेकेदारों को अग्रिम भुगतान कर दिया गया. एसजेडीए में बड़े पैमाने पर घोटाला होने के मामले का खुलासा मार्च 2013 में हुआ. इस बात की सूचना जैसे ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मिली, उन्होंने एसजेडीए के तत्कालीन चेयरमैन तथा सिलीगुड़ी के विधायक रूद्रनाथ भट्टाचार्य को चेयरमैन पद से चलता कर दिया. 16 मई 2013 को पहली एफआइआर दर्ज करायी गयी. शुरू में इस मामले की जांच सिलीगुड़ी पुलिस ने की. सिलीगुड़ी पुलिस ने 17 मई 2013 को एसजेडीए कार्यालय में छापामारी की और कई दस्तावेज जब्त किये. उसके बाद से ही इस मामले में गिरफ्तारी का दौर शुरू हो गया. 23 मई 2013 को एसजेडीए के कुछ ठेकेदारों तथा इंजीनियर प्रवीण कुमार की गिरफ्तारी हुई. कुछ ही दिनों बाद 1 जून को एक अन्य इंजीनियर सप्तऋषि पाल को दबोचा गया. गिरफ्तारी का सिलसिला यहीं नहीं थमा, कुछ दिनों बाद ही एसजेडीए के एक अन्य इंजीनियर मृगांक मौली सरकार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. 6 जुलाई 2013 को पहली बार गोदाला किरण कुमार से पूछताछ हुई.

उस समय वह मालदा के जिला शासक थे. सिलीगुड़ी पुलिस मालदा गयी और वहीं उनसे पूछताछ की गयी. इस दौरान समय बीतने के साथ-साथ उनसे पूछताछ का दौर जारी रहा. इस मामले में 29 नवंबर 2013 को उस समय नया मोड़ गया, जब गोदाला किरण कुमार से सिलीगुड़ी थाने में लगातार 7 घंटे तक पूछताछ की गयी. अगले ही दिन 30 नवंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. एक कार्यरत जिला अधिकारी तथा आइएएस अफसर की गिरफ्तारी से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इस मामले में कूदना पड़ा. अगले दिन 1 दिसंबर को गोदाला किरण कुमार की सिलीगुड़ी कोर्ट में पेशी हुई और उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया. गोदाला किरण कुमार की गिरफ्तारी की बड़ी कीमत सिलीगुड़ी के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर के जयरमण को चुकानी पड़ी. के जयरमण को उनके पद से हटा दिया गया और कंपलसरी वेटिंग में कोलकाता बुला लिया गया. इस पूरे मामले की जांच फिलहाल सीआइडी कर रही है. इसके अलावा अवैध लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (इडी) द्वारा भी की जा रही है.

कौन-कौन सी लगी धारा: गोदाला किरण कुमार की गिरफ्तारी केस नंबर 378/13 तथा केस नंबर 457/13 में हुई है. इनमें से केस नंबर 378/13 में 120/बी/09, 477, 457, 468, 471, 420, 13(2)/13(1) धारा लगायी गयी है. इसी तरह से दूसरे मामले में भी कमोवेश इसी प्रकार की धाराएं लगायी गयी हैं.

कुल 11 मामले दर्ज: 200 करोड़ रुपये के एसजेडीए घोटाला मामले में प्रधान नगर थाने में कुल 11 एफआइआर दर्ज कराये गये हैं. इनमें से 9 एफआइआर में गोदाला किरण कुमार का नाम है. फिलहाल गोदाला किरण कुमार की गिरफ्तारी 9 मामलों में से 2 मामलों में हुई है. बाकी 7 मामलों में अभी भी जांच चल रही है.

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