सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी नगर निगम में नवगठित वाम बोर्ड के मेयर ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2015-16 का बजट पेश किया था. छह करोड़ के इस घाटे के बजट पर गुरुवार को निगम के सभाकक्ष में चेयरमेन दिलीप सिंह की अध्यक्षता में चर्चा हुई. चर्चा के शुरुआती दौर से ही विरोधियों ने बजट का विरोध करना […]
सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी नगर निगम में नवगठित वाम बोर्ड के मेयर ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2015-16 का बजट पेश किया था. छह करोड़ के इस घाटे के बजट पर गुरुवार को निगम के सभाकक्ष में चेयरमेन दिलीप सिंह की अध्यक्षता में चर्चा हुई. चर्चा के शुरुआती दौर से ही विरोधियों ने बजट का विरोध करना शुरु किया. लंच ब्रेक के बाद चेयरमेन के अनुमति पर जैसे ही मेयर अशोक भट्टाचार्य ने बजट पर चर्चा करनी शुरु की विरोधी दल के नेता नांटू पाल के नेतृत्व में सभी तृणमूल पार्षदों ने जोरदार हंगामा किया और बजट चर्चा का बहिष्कार कर सभाकक्ष से बाहर हो गये. भाजपा के दोनों पार्षद एक नंबर वार्ड की पार्षद मालती राय व नौ नंबर वार्ड की पार्षद खुशबू मित्तल ने भी बजट का विरोध किया.
चर्चा के दौरान कांग्रेस के 16 नंबर वार्ड के पार्षद सुजय घटक उर्फ काला दा ने म्यूटेशन फीस न बढ़ाकर केवल एक फीसदी फीस रखने, पेयजल कर घरेलू के बजाय व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए लागू करने एवं सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया. तीनों प्रस्तावों को मंजूर कर लिए जाने के बाद कांग्रेस के चारों पार्षदों ने वाम बोर्ड के बजट का समर्थन किया.
वहीं, 15 नंबर वार्ड के निर्दल पार्षद अरविंद घोष उर्फ ओमू दा ने भी वाम बोर्ड के इस बजट का जोरदार तरीके से समर्थन किया और इस बजट को निगम के चहुमुखी विकास के लिए चिंतन, योजना और क्रियान्वयन से परिपूर्ण बताया. भाजपा की खुशबू मित्तल ने चर्चा के दौरान बजट का जोरदार तरीके से विरोध किया. उन्होंने कहा कि इस बजट में निगम की आय बढ़ाने को लेकर साफ-साफ कुछ भी उल्लेख नहीं है. म्यूटेशन फीस भी तीन गुणा बढ़ाया गया है, इससे निगम की आय बढ़ने के बजाय रुक जाने की संभावना है और निर्माण के रफ्तार में म्यूटेशन फीस रोड़ा भी बनेगी. साथ ही उन्होंने प्रस्ताव दिया कि जब अमेरिका में पेयजल मुफ्त में वितरित की जा सकती है तो सिलीगुड़ी में क्यूं नहीं. विरोधी दल के नेता नांटू पाल क ा कहना है कि यह बजट दिशाहीन और विचारहीन है. बजट में गरीबों की अनदेखी की गयी है.
निम्न वर्ग व युवाओं के लिए खास कुछ भी उल्लेख नहीं है. साथ ही पेयजल आपूर्ति, डंपिंग ग्राउंड, सॉलिड वेस्ट मैनजमेंट, साफ-सफाई, स्वास्थ्य परिसेवा जैसे मूलभूत समस्याओं के लिए भी बजट में पारदर्शिता नहीं बरती गयी है. उन्होंने बीते छह वर्षों में राज्य सरकार, उत्तर बंगाल विकास मंत्रलय, सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण द्वारा निगम के चहुमुखी विकास पर वाम बोर्ड पर अभीतक धन्यवाद ज्ञापन ने देने का भी आरोप लगाया. बजट चर्चा के दौरान श्री पाल ने वाम बोर्ड के चेयरमेन पर भी ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया. चेयरमेन ने जानबूझ कर तृणमूल पार्षदों को बोलने के लिए कम समय दिया गया.