वाहनों की आवाजाही भी काफी कम है. प्राप्त समाचार के अनुसार, कलिम्पोंग के 6 माइल इलाके में बुधवार सुबह भूस्खलन की घटना घटी है. 6 माइल में करीब 300 मीटर सड़क पूरी तरह से जमींदोज हो गयी है. इसकी वजह से सिलीगुड़ी तथा कालिम्पोंग के बीच वाहनों की आवाजाही बंद है. इतना ही नहीं, 6 माइल इलाके में एक दुकान भी सड़क के साथ ही जमींदोज हो गयी. हालांकि जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
भूस्खलन की इस घटना के बाद बीआरओ तथा ग्रेफ के अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं. कलिम्पोंग तथा सिलीगुड़ी के बीच सड़क संपर्क बहाल करने की कोशिश की जा रही है. दाजिर्लिंग के जिला शासक अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि कालिम्पोंग के 6 माइल इलाके में भूस्खलन की घटना घटी है, लेकिन इससे जान-माल के किसी प्रकार के नुकसान होने की खबर नहीं है. जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं. श्री श्रीवास्तव ने बताया कि कलिम्पोंग तथा सिलीगुड़ी के बीच सड़क संपर्क खत्म हो जाने की वजह से वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है.
कालिम्पोंग में फंसे पर्यटकों को दूसरे रास्ते से निकालने की कोशिश की जा रही है. इस बीच, लगातार बारिश की वजह से तीस्ता नदी भी उफान पर है. तीस्ता नदी के तेज धार में मल्ली में 8 दुकानों के समा जाने की खबर है. यहां किसी प्रकार के जानी नुकसान की कोई खबर नहीं है. मल्ली में प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव के कार्य किये जा रहे हैं. यहां उल्लेखनीय है कि दाजिर्लिंग पर्वतीय क्षेत्र में इस महीने की एक तारीख से ही भूस्खलन का प्रकोप जारी है. मिरिक के टिंगलिंग तथा कालिम्पोंग में भूस्खलन की वजह से 40 लोगों की मौत हो गयी थी. अभी यह मामला पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ था कि भूस्खलन के प्रकोप ने एक बार फिर से दाजिर्लिंग पर्वतीय क्षेत्र को लपेट लिया है. एक तारीख से ही सिलीगुड़ी एवं कालिम्पोंग के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन की वजह से वाहनों की आवाजाही पर प्रभाव पड़ रहा है.
