गाड़ी में बैठ कर किसी भी गंतव्य तक पहुंचने में पर्याप्त समय से काफी ज्यादा समय लग रहा है. अगर सिलीगुड़ी नगर निगम जल्द इस समस्या का समाधान नहीं करता है तो एक दिन ऐसा आयेगा कि घर से गाड़ी बाहर निकालना ही मुश्किल हो जायेगा. पूरा शहर गाड़ियों से भर जायेगा. चलने-फिरने के लिए जगह नहीं बचेगा.
उन्होंने सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड की आलोचना करते हुए कहा कि सिर्फ कमेटियों के गठन से कुछ नहीं होगा. शहर के विकास में विभिन्न योजनाओं को लागू करना होगा. बड़े बड़े शहरों की तरह सिलीगुड़ी में भी ग्रीन पुलिस तैनात करनी होगी. जाम से निपटने के उपाय करने होंगे. कचरा प्रबंधन समस्या का समाधान करना होगा. इन सभी विषयों को लेकर नगर निगम की बजट में कुछ उल्लेख नहीं किया गया है. उन्होंन शहर के विकास के लिए शहरवासियों को खुद काउंसिलर बनने की हिदायत दी.
समस्या के समाधान के लिए किसी पर निर्भर नहीं रह कर खुद आगे बढ़ने को कहा. व्यवसायी समिति की सभा में पानीटंकी के ओसी टीपीओ महेश सिंह भी उपस्थित थे. सभा में मार्केट परिसर की सबसे गंभीर समस्य जाम पर चरचा की गयी. अवैध हॉकरों के जहां-तहां अस्थायी दुकान लगाने के चलते जाम की समस्या बढ़ रही है तथा स्थायी दुकानों की स्थिति खराब हो रही है. इसके अलावा मार्केट के जहां-तहां वाहन पार्किग के कारण मार्केट की सड़कें संकरी हो जाती है और हमेशा ही जाम की समस्या बनी रहती है. जिससे खरीदार व आम लोगों को काफी परेशानी होती है. पूजा के समय मार्केट में धक्कामुक्की की स्थिति बन जाती है.
