दाजिर्लिंग सदर थाने के खिलाफ मुकदमे का निर्णय
पहाड़ में गणतंत्र नहीं होने का लगाया आरोप
दाजिर्लिंग : दाजिर्लिंग सदर थाने की ओर से डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेताओं की आत्मसमर्पण संबंधी नोटिस जारी किये जाने के खिलाफ डेमोक्रेटिक फ्रंट ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है. फ्रंट के प्रवक्ता शंकरहांग सुब्बा ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया कि सदर थाने के नोटिस से साफ जाहिर होता है कि पहाड़ में गणतंत्र नहीं है.
सदर थाने के नोटिस के खिलाफ फ्रंट एक हफ्ते के भीतर कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा. उन्होंने आगे बताया कि पिछले 14 जून को पति की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी व न्याय की मांग में अनशन पर बैठी भारती तामांग के साथ सदर थाने के आइसी मनोज कुमार चक्रवर्ती ने अपशब्द का प्रयोग किया था. इसके खिलाफ भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की जायेगी. दूसरी ओर, प्रताप खाती ने सदर थाने की पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाया.
रविवार को इस मुद्दे को लेकर फ्रंट की ओर से स्थानीय गोरखालीग पार्टी कार्यालय में एक सभा आयोजित की गयी थी. सभा में गोरखालीग अध्यक्ष व मदन तामांग की पत्नी भारती तामांग, महासचिव प्रताप खाती, उपाध्यक्ष लक्षुमान प्रधान, क्रामाकपा नेता शंकर छेत्री, जीएनएलएफ नेता वीरेन लामा, प्रवीन जिंबा, मणिकमल छेत्री, सिक्किम-दाजिर्लिंग एकीकीण मंच के महासचिव शंकरहांग सुब्बा आदि उपस्थित थे.
उल्लेखनीय है कि डेमोक्रेटिक फ्रंट के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें दाजिर्लिंग पुलिस की ओर से एक नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में सभी नेताओं को 20 दिनों के अंदर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया है. मालूम हो कि मदन तामांग हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 14 जून को स्थानीय दु:ख निवारक सम्मेलन भवन में डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेताओं ने एक बैठक की थी.
बैठक के बाद जीडीएस मैदान से एक मौन जुलूस भी निकला था. दाजिर्लिंग सदर थाने में गैर अनुमति के बैठक करने तथा जुलूस निकालने के आरोप में डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. इसके साथ ही पुलिस ने भारती तामांग के अनशन पर भी सवालिया निशान लगाते हुए मामला दर्ज किया है. भारती तामांग सहित अन्य नेताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
भारती तामांग के अलावा अखिल भारतीय गोरखालीग के महासचि प्रताप खाती, उपाध्यक्ष लक्ष्मण प्रधान, क्रामाकपा प्रमुख तथा पूर्व सांसद आरबी राई, प्रवक्ता गोविंद छेत्री, गोरामुमो अध्यक्ष मन घीसिंग, वीरेन लामा, प्रवीण जिंबा, सिक्किम-दाजिर्लिंग एकीकरण मंच के महासचिव शंकरहांग सुब्बा को सदर थाना में नोटिस जारी कर 20 दिनों के अंदर अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए कहा है.
