छत से गिरने के बाद भी बची छह साल के बच्चे की जान

सिलीगुड़ी : कहावत है ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’ ऐसा ही कुछ सुकना के एक 6 वर्षीय बच्चे के साथ हुई है. यह 6 वर्षीय बच्च खेलते वक्त अपने दोतल्ला घर की छत से नीचे गिर गया था. इस क्रम में उसके माथे में चार-चार किल धंस गये. कई किल उसके दिमाग के […]

सिलीगुड़ी : कहावत है ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’ ऐसा ही कुछ सुकना के एक 6 वर्षीय बच्चे के साथ हुई है. यह 6 वर्षीय बच्च खेलते वक्त अपने दोतल्ला घर की छत से नीचे गिर गया था. इस क्रम में उसके माथे में चार-चार किल धंस गये. कई किल उसके दिमाग के अंदर भी चले गये थे.

वह इस घटना में बुरी तरह से घायल हो गया था. उसके माता-पिता उसे लेकर माटीगाड़ा स्थित नेवटिया अस्पताल आये. न्यूरो सजर्न डॉ राहुल प्रसाद ने उसकी चिकित्सा की और तत्काल सजर्री करने का निर्णय लिया. अपने आप में यह एक विरल सजर्री थी. चार घंटे की सजर्री के बाद चारों किल निकालने डॉक्टरों को सफलता हासिल हुई. बच्च फिलहाल स्वास्थ्य लाभ कर रहा है.

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