ये भारी वाहनों के चालक जिला प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं और रात 10 बजे के बाद घोर अंधेरी रात में ओवर लोड वाहन इस सेतु से पहाड़ पर धड़ल्ले से जा रहे हैं. इसका खुलासा सेतु निर्माण में कार्यरत पीडब्ल्यूडी विभाग के एक अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर किया. उन्होंने बताया कि इस अस्थायी सेतु को और मजबूती देने के लिए अब भी काम जारी है. सेतु को पूरी तरह सख्त करने एवं तटबंध बांधने का काम रात 10 बजे तक चलता है. काम बंद होने के बाद ही भारी वाहन रात के अंधेरे में इस सेतु से आवाजाही करने लगते हैं. लगातार भारी वाहन अगर इस सेतु से आवाजाही करें तो यह जल्दी टूट जायेगा. वैसे भी नदी के तेज बहाव में यह अस्थायी सेतु अधिक देर तक नहीं टिक सकता. अभी बारिश का मौसम है और पहाड़ पर कभी भी वापस मूसलाधार बारिश हो सकती है.
जिला प्रशासन के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जब-तक रक्तिखोला नदी पर आर्मी द्वारा निर्मित बेली ब्रीज का निर्माण नहीं हो जाता, तब-तक नदी पर निर्मित अस्थायी सेतु से ही हल्के वाहन आवाजाही कर सकते हैं. भारी वाहनों के इस सेतु से आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध है. 10 टन से अधिक के भारी वाहन इस सेतु का इस्तेमाल नहीं कर सकते. इन वाहनों के रोक के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त हिदायत दी गयी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार नदी के आसपास अस्थायी पुलिस कैंप लगाया है. इन कैंपों में एक एसिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के साथ चार कांस्टेबल आठ घंटे की सिफ्ट डय़ूटी के अनुसार 24 घंटे पूरी मुश्तैदी के साथ तैनात है और भारी वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. किसी भी भारी वाहनों को इस अस्थायी सेतु का इस्तेमाल करने नहीं दिया जा रहा.
