उन्होंने बताया कि सिलीगुड़ी नगर निगम सहित जिले के विभिन्न नगरपालिकाओं एवं पंचायतों द्वारा वर्तमान में बर्थ सर्टिफिकेट जारी किये जाते हैं. आम लोगों की शिकायत रहती है कि बर्थ सर्टिफिकेट बनाने में कई बार सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं. बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसीलिए ऑनलाइन व्यवस्था की शुरूआत की जा रही है. इसके लिए आवश्यक ढांचागत सुविधाएं विकसित की जा रही है.
इस वर्ष अगस्त महीने से इस व्यवस्था के शुरू हो जाने की संभावना है. स्वास्थ्य कार्यशाला के संबंध में श्री श्रीवास्तव ने बताया कि पांच वर्ष तक की शिशुओं की मौत की संख्या रोकने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिशु मृत्यु दर कम करने की हर संभव कोशिश कर रही है. जिले में पांच वर्ष तक के शिशुओं की मौत की संख्या कैसे कम की जाये, इसी को ध्यान में रखकर इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है.
इस कार्यशाला में जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारी, सीएमओएच, सभी ब्लॉक के बीडीओ को बुलाया गया है. सिलीगुड़ी की एसडीओ भी कार्यशाला में शामिल हुई हैं. उन्होंने आगे कहा कि शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए जागरूकता अभियान की शुरूआत की जा रही है. किस वजह से पांच वर्ष तक के शिशुओं की मौत की घटना होती है, उस पर कार्यशाला में विचार किया गया. शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए आशा कर्मियों को भी काम पर लगाया जायेगा.
