फिर से सड़क पर उतरेंगे चाय श्रमिक

सिलीगुड़ी. न्यूनतम मजदूरी समझौता शीघ्र लागू करने की मांग तथा सिलीगुड़ी, तराई एवं डुवार्स के चाय बागानों में काम कर रहे श्रमिकों को विभिन्न सुविधाएं देने की मांग को लेकर आने वाले दिनों में विभिन्न चाय बागानों में एक बार फिर से स्थिति बिगड़ने की संभावना है. कुछ महीने पहले मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में संपन्न […]

सिलीगुड़ी. न्यूनतम मजदूरी समझौता शीघ्र लागू करने की मांग तथा सिलीगुड़ी, तराई एवं डुवार्स के चाय बागानों में काम कर रहे श्रमिकों को विभिन्न सुविधाएं देने की मांग को लेकर आने वाले दिनों में विभिन्न चाय बागानों में एक बार फिर से स्थिति बिगड़ने की संभावना है.

कुछ महीने पहले मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में संपन्न त्रिपक्षीय बैठक में चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था. इसके साथ ही चाय श्रमिकों के न्यूनत मजदूरी में अगले तीन वर्षो तक 10 रुपये प्रति वर्ष बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया था. वर्तमान में तराई तथा डुवार्स के चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 112 रुपये प्रति दिन है. चाय बागान मालिक तीन वर्षो में 30 रुपये बढ़ाने पर सहमत हो गये थे.

तीन वर्षो बाद चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़कर 142 रुपये हो जायेगी. इस बीच, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने को लेकर एक कमेटी का भी गठन किया गया था. इस कमेटी की एक-दो बार बैठक भी हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है. इस बीच, डंकन्स ग्रुप के चाय बागानों सहित कई चाय बागानों ने त्रिपक्षीय समझौते में हुए निर्णय को लागू नहीं किया है. चाय श्रमिकों को न तो बकाया वेतन का भुगतान किया गया है और न ही 10 रुपये की पहली किश्त बढ़ायी गयी है. इसको लेकर चाय श्रमिकों में स्वाभाविक तौर पर भारी रोष है. चाय बागान के श्रमिक एक बार फिर से आंदोलन करने की तैयारी में जुट गये हैं.

इसको लेकर विभिन्न चाय बागान श्रमिकों के 24 ट्रेड यूनियन संगठन के यूनाइटेड फोरम ने 24 मई को सिलीगुड़ी में एक बैठक का आह्वान किया है. पश्चिम बंगाल चा बागान श्रमिक कर्मचारी यूनियन के तराई-डुवार्स रिजन के सचिव अमूल्य दास ने कहा कि 24 मई को सिलीगुड़ी के इंडोर स्टेडियम में यूनाइटेड फोरम ने एक सवावेश का आयोजन किया है. इस समावेश में सभी 24 ट्रेड यूनियन के नेता शामिल होंगे. दास ने बताया कि राज्य सरकार चाय श्रमिकों की समस्या के समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं कर रही है. चाय बागानों में भूख एवं गरीबी के कारण चाय श्रमिक मर रहे हैं.

राज्य सरकार ऐसा मानने के लिए तैयार नहीं है. हाल ही में जब केंद्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री निर्मला सीतारमन चाय उद्योग का जायजा लेने सिलीगुड़ी आयी थीं तब उन्होंने कई चाय बागानों का दौरा किया था और श्रमिकों की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी.

उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमन के बातों से ऐसा लगा कि राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार को चाय श्रमिकों की स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई है. श्री दास ने आगे कहा कि कल बुधवार को भी यूनाइटेड फोरम के कई नेताओं की इस मुद्दे पर बैठक हुई थी. उसी बैठक में 24 मई को सिलीगुड़ी के इंडोर स्टेडियम में एक बड़े समावेश के आयोजन का निर्णय लिया गया. उन्होंने चाय श्रमिकों को शीघ्र ही सभी बकाये के भुगतान की मांग की है. उन्होंने कहा कि डंकन्स ग्रुप के चाय बागानों में काम कर रहे श्रमिकों की स्थिति काफी खराब है. बार-बार कहे जाने के बाद भी कंपनी द्वारा श्रमिकों को मजदूरी नहीं दी जा रही है. डंकन्स ग्रुप के नागेश्वरी चाय बागान में हाल ही में तीन चाय श्रमिकों की मौत भूख एवं बीमारी की वजह से हो गई थी. श्री दास ने कहा कि 24 तारीख को होने वाली यूनाटेड फोरम की बैठक में आंदोलन की रणनीति पर विचार किया जायेगा. यदि चाय बागान मालिक तथा राज्य सरकार शीघ्र ही चाय बागान श्रमिकों की मांगों पर विचार नहीं करेगी, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जायेगा.

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