जलपाईगुडी़. जलपाईगुड़ी शहर के दिनबाजार में भयावह अग्निकांड की घटना के दो दिन बाद अब फोरेंसिक विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है. रविवार को दो सदस्यीय टीम कोलकाता से यहां पहुंची और अपनी जांच शुरू कर दी. इस टीम की अगुवाई कोलकाता के बेलगछिया स्थित फोरेंसिक साइंस एंड लेबोरेटरी में फिजिक्स तथा रसायन […]
जलपाईगुडी़. जलपाईगुड़ी शहर के दिनबाजार में भयावह अग्निकांड की घटना के दो दिन बाद अब फोरेंसिक विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है. रविवार को दो सदस्यीय टीम कोलकाता से यहां पहुंची और अपनी जांच शुरू कर दी. इस टीम की अगुवाई कोलकाता के बेलगछिया स्थित फोरेंसिक साइंस एंड लेबोरेटरी में फिजिक्स तथा रसायन विभाग के प्रमुख डॉ चित्रश सरकार कर रहे हैं.
दो सदस्यीय टीम ने रविवार को दिनबाजार के टिन शेड इलाके का जायज लिया और आवश्यक नमूनों का संग्रह किया. इसके साथ ये लोग बाजार के अन्य इलाकों में भी गये और नमूना संग्रह किया. आग लगने की घटना के दो दिन बाद फोरेंसिक टीम के आने को लेकर लोग तरह तरह के सवाल कर रहे हैं. इन लोगों का कहना है कि दो दिन बाद इस टीम के सदस्य कुछ हासिल कर सकेंगे, इसमें संदेह है.
दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस अग्निकांड की घटना की जांच की मांग की है. कांग्रेस के कई नेता भी आज घटना स्थल पर गये. इनलोगों का कहना था कि आग से प्रभावित लोगों के लिए उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव ने जिस 10 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है, वह काफी कम है. कांग्रेस नेताओं ने इस राशि को बढ़ाने की मांग की है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हाल में संपन्न नगरपालिका चुनाव में जीते कांग्रेस पार्षद प्रभावितों की तालिका बना रहे हैं. उसके बाद इन सभी को मुआवजा देने की मांग सरकार से की जायेगी. इससे पहले रविवार को नमूना संग्रह करने के समय पुलिस की ओर से डीएसपी हेड क्वार्टर प्रभात चक्रवर्ती, आइसी आशीष राय आदि भी फोरेंसिक टीम के साथ थे. यह सभी लोग करीब 45 मिनट तक घटनास्थल पर थे.
इस संबंध में डॉ चित्रश सरकार ने कहा कि संग्रहित नमूनों की जांच कोलकाता में की जायेगी. उसके बाद वह एक रिपोर्ट जिला पुलिस अधीक्षक को सौंप देंगे. उल्लेखनीय है कि गुरुवार रात को दिनबाजार के टिनशेड इलाके के एक पटाखे की दुकान से धुआं निकलते देखा गया था. देखते ही देखते दुकान में आग लग गयी और आसपास के दुकानों को अपने लपेटे में लेकर विकराल रूप धारण कर लिया. दिनबाजार के करीब 150 दुकानें आग में जल खाक हो गयीं. इनमें कपड़े, किराने, स्टेशनरी आदि विभिन्न दुकानें थीं. इसकी भयावहता इतनी थी कि आग बुझाने के लिए जलपाईगुड़ी के तीन दमकल काफी नहीं थे, इसलिए सिलीगुड़ी, मालबाजार, फालाकाटा, मैनागुड़ी, हल्दीबाड़ी, मेखलीगंज, माटीगाड़ा, कूचबिहार व धूपगुड़ी दमकल केंद्रों से भी दमकल की गाड़ियां मंगवायी गयीं. दमकल की कुल 13 इंजनों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका था. आग बुझाने में करीब सात घंटे लगे थे.