नेपाल जाने के लिए देशी-विदेशी पर्यटक सिलीगुड़ी का उपयोग ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में करते हैं. सिलीगुड़ी के निकट पानीटंकी से नेपाल जाने का रास्ता है.
ऐसे पर्यटक जो दिल्ली आते हैं, वह सीधे हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचते हैं. इसके अलावा जो लोग विराटनगर अथवा काठमांडू जाना चाहते हैं वह सिलीगुड़ी के पानीटंकी वाले रूट का भी इस्तेमाल करते हैं. सड़क मार्ग से हर वर्ष ही भारी संख्या में पानीटंकी होकर पर्यटक नेपाल जाते हैं. भूकंप के बाद यह स्थिति पूरी तरह से बदल गई है. काठमांडू में भीषण तबाही के बाद यह पूरा इलाका ही पर्यटक शून्य हो गया है. पानीटंकी मार्ग से एक भी पर्यटकों को नेपाल जाते नहीं देखा जा रहा है. जो लोग जा भी रहे हैं, वह लोग राहत कर्मी हैं. सिलीगुड़ी से भारी संख्या में लोग राहत सामग्री लेकर नेपाल जा रहे हैं. जाहिर है, नेपाल में पर्यटकों के नहीं जाने के कारण सिलीगुड़ी में भी पर्यटकों के आने में काफी कमी देखी जा रही है. नेपाल में भूकंप का असर सिलीगुड़ी के साथ-साथ दाजिर्लिंग के पर्यटन पर भी पड़ा है. पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग ऐसी स्थिति को देखकर काफी मायूस हैं. नेपाल तो पर्यटक नहीं जा रहे हैं, उलटे सिलीगुड़ी तथा दाजिर्लिंग में भी पर्यटकों के आगमन में कमी आ गई है.
पड़ोसी राज्य सिक्किम भी इस स्थिति से प्रभावित हुआ है. सिलीगुड़ी के एक प्रमुख टूर ऑपरेटर बलराम अग्रवाल ने बताया है कि दाजिर्लिंग तथा सिलीगुड़ी आने वाले करीब 25 प्रतिशत पर्यटकों ने अपनी बुकिंग कैंसिल करा दी है. श्री अग्रवाल ने बताया कि पानीटंकी होकर जो भी पर्यटक नेपाल जाते हैं वह पहले सिलीगुड़ी में रूकते हैं और दाजिर्लिंग तथा गंगतोक घुमने के बाद नेपाल के लिए रवाना होते हैं. इस बार नेपाल में हुए भूकंप के दहशत ने सबकुछ गड़बड़ कर दिया है.
उन्होंने कहा कि यह स्थिति आगे भी बनी रहेगी. फिलहाल इस स्थिति में सुधार की उम्मीद नहीं है. काठमांडू में भूकंप से जिस प्रकार का नुकसान हुआ है, उससे उबरने में ही काफी वक्त लग जायेंगे. जब तक नेपाल का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता, तब तक पर्यटकों का टोटा लगा रहेगा. श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि देश-विदेश से पर्यटक इस क्षेत्र में पर्यटन के लिए आते हैं. खासकर महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारत के पर्यटकों का पसंदीदा पर्यटन स्थल नेपाल है. यह लोग आम तौर पर सिलीगुड़ी होकर पानीटंकी के रास्ते नेपाल जाना पसंद करते हैं. यह लोग इस क्रम में सिलीगुड़ी, दाजिर्लिंग तथा गंगतोक भी घुमने जाते हैं.
