सिलीगुड़ी. भूकंप की त्रसदी के बाद नेपाल पीड़ितों के लिए आज दीदी ने ‘ममता’ उड़ेली. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है संकट के घड़ी में हम यानी बंगाल नेपाल के साथ है. पूरे भारत ही नहीं बल्कि खासकर पश्चिम बंगाल के साथ नेपाल का हमेशा ही मधुर संबंध रहा है. नेपाल के साथ हमारा केवल एक पड़ोसी देश का नहीं बल्कि भाई का नाता है.
इस रिश्ते का हम हमेशा सम्मान करते हैं और करते रहेंगे. वह आज बंगाल सरकार की ओर से राहत सामग्री भूकंप पीड़ितों को मुहैया कराने के उद्देश्य से बागडोगरा, पानीटंकी के रास्ते भारत-नेपाल सीमांत के झापा जिला के काकड़भिट्ठा पहुंची. इस बीच, भारत-नेपाल को जोड़ने वाली मेची नदी के पुल पर ममता ने राहत सामग्रियों से लदे 35 ट्रकों को नेपाल सरकार को सौंपा और सभी ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर नेपाल के लिए रवाना किया.
यहां नेपाल सरकार के शहरी विकास मंत्री नारायण खडका ने ममता का भव्य स्वागत किया. काकड़भिट्ठा में नेपाल वाणिज्य भवन में श्री खडका ने दीदी को भगवान पशपुति की कांसे की बनी भव्य मूर्ति सौंपकर सम्मानित किया और पूरे नेपाल वासियों की ओर से कृतज्ञता जाहिर की. वाणिज्य भवन के सभाकक्ष में प्रेस-वार्ता के दौरान भारत-नेपाल की मीडिया से रु-ब-रु होते हुए ममता ने कहा कि करीब आठ करोड़ की राहत सामग्री नेपाल को सौंपा गया है. इनमें खासतौर पर बेबी फूड्स, ड्राय फूड्स, मिनरल वाटर व हर तरह के कपड़े हैं. उन्होंने जरूरत पड़ने पर और भी सहयोग नेपाल को किये जाने का आश्वासन दिया. दीदी की इस उदारवादिता से नेपालवासी काफी गदगद दिखे.भूकंप के बाद हर मुसीबत से घिरे नेपाल वासियों के चेहरे पर आज हल्की मुस्कान झलक आयी.
