उत्तरकन्या बैठक में नहीं आये बिमल गुरूंग

सिलीगुड़ी: भूकंप को लेकर मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में बुलायी गई बैठक में जीटीए प्रमुख तथा गोजमुमो सुप्रीमो बिमल गुरूंग शामिल नहीं हुए हैं. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने की. मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल में भूकंप की स्थिति का जायजा लेने तथा प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर इस बैठक का […]

सिलीगुड़ी: भूकंप को लेकर मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में बुलायी गई बैठक में जीटीए प्रमुख तथा गोजमुमो सुप्रीमो बिमल गुरूंग शामिल नहीं हुए हैं. इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने की. मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल में भूकंप की स्थिति का जायजा लेने तथा प्रभावितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर इस बैठक का आह्वान किया था.

इस बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा जलपाईगुड़ी के डिवीजनल कमिश्नर एवं डिजास्टर मैनेजमेंट के मुख्य सचिव सुरेश कुमार भी शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने सिलीगुड़ी पहुंचते ही दाजिर्लिंग तथा जलपाईगुड़ी के जिलाधिकारी को बैठक की सूचना दे दी थी. उसके अलावा बैठक में जीटीए प्रमुख बिमल गुरूंग को भी बुलाया गया था. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दाजिर्लिंग के जिला शासक ने इस बात की जानकारी बिमल गुरूंग को दे दी थी.

बिमल गुरूंग ने बैठक में नहीं आने के संबंध में अब तक कुछ नहीं कहा था. ऐसे में उनके बैठक में आने की उम्मीद बनी हुई थी. आज उत्तरकन्या में बैठक शुरू होने के बाद बिमल गुरूंग नहीं आये. इस मुद्दे पर कोई भी खुलकर कुछ भी बोलना नहीं चाह रहा है. यहां गौरतलब है कि सिलीगुड़ी के साथ ही दाजिर्लिंग पर्वतीय क्षेत्र में भी भूकंप से नुकसान हुआ है. मिरिक के आठ नंबर वार्ड में भी एक की मौत भूकंप की वजह से हुई है.

इसी वजह से मुख्यमंत्री ने बिमल गुरूंग को इस बैठक में शामिल होने का न्योता दिया था. बिमल गुरूंग के इस बैठक में नहीं आने को लेकर राजनैतिक हलकों में अटकलों का बाजार गरम है. कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच जो दूरी थी वह और अधिक बढ़ गई है. हालांकि गोजमुमो नेता ऐसा मानने से इंकार कर रहे हैं. गोजमुमो के शीर्ष नेता ने बताया है कि पूजा-पाठ में व्यस्त होने के कारण बिमल गुरूंग मुख्यमंत्री की बैठक में नहीं आ सके. गोरखालैंड राज्य के निर्माण को लेकर बिमल गुरूंग इन दिनों पूजा-पाठ में व्यस्त हैं. पातलेबांस के तकवरवैली, मालीधुरा में गोरखालैंड को लेकर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. गोजमुमो के शीर्ष नेता ने बताया कि बिमल गुरूंग इसी धार्मिक कार्यक्रम में पूजा-पाठ करने में व्यस्त हैं.

इसी वजह से वह भूकंप पर मुख्यमंत्री द्वारा बुलायी गई बैठक में शामिल नहीं हो सके. हालांकि जीटीए के मुख्य सचिव रवीन्द्र सिंह ने उत्तरकन्या में आयोजित बैठक में जीटीए का प्रतिनिधित्व किया. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गोरखालैंड मुद्दे पर जिस तरह से दोनों नेताओं के बीच दूरी बढ़ी है उसको पाट पाना संभव नहीं दिख रहा है. बिमल गुरूंग पूरी तरह से भाजपा खेमे में चले गये हैं. इतना ही नहीं, सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव के दौरान न केवल बिमल गुरूंग, बल्कि गोजमुमो के कई अन्य नेताओं ने भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार किया. इतना ही नहीं, नेपाली सम्प्रदाय के लोगों को लेकर बिमल गुरूंग ने सिलीगुड़ी में एक बैठक भी की. इस बैठक में दाजिर्लिंग के सांसद तथा भाजपा नेता एसएस अहलुवालिया भी उपस्थित थे.

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