बंगाल में नहीं हुआ ऐसा शांतिपूर्ण चुनाव : ममता

कोलकाता. कोलकाता नगर निगम चुनाव में गड़बड़ी संबंधी विरोधी दलों के आरोपों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि कोलकाता नगर निगम का चुनाव शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से हुआ है. इस तरह का शांतिपूर्ण मतदान आज तक बंगाल में पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने इसके […]

कोलकाता. कोलकाता नगर निगम चुनाव में गड़बड़ी संबंधी विरोधी दलों के आरोपों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि कोलकाता नगर निगम का चुनाव शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से हुआ है. इस तरह का शांतिपूर्ण मतदान आज तक बंगाल में पहले कभी नहीं हुआ.
उन्होंने इसके लिए कोलकाता पुलिस के जवानों की प्रशंसा की है. उन्होंने कहा कि कोलकाता नगर निगम के चुनाव के दौरान कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर कार्य किया, जिसकी वजह से मतदान प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण रही.
यह प्रशंसनीय है. उन्होंने कहा कि बंगाल में 34 वर्ष के बाद गणतांत्रिक व्यवस्था लौटी है और मतदाता चैन से अपना मतदान कर पा रहे हैं. बंगाल में चुनाव एक उत्सव के समान होता है, जिसमें हमेशा ही बंगाल के लोग आगे रहते हैं. मीडिया का एक हिस्सा जान बूझ-कर तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहा है. निगम चुनाव के दौरान करीब 4646 बूथ थे और सिर्फ 10-12 बूथों से ही गड़बड़ी की रिपोर्ट आयी थी, जो कि नगण्य प्रतिशत है. राज्य प्रशासन ने निगम चुनाव के दौरान बहुत बेहतर कार्य किया था और जहां से भी कोई शिकायत मिली, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गयी.
उन्होंने कहा कि वह राज्य की गृह मंत्री भी हैं, लेकिन निगम चुनाव के दौरान कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं था, जहां चुनाव के दौरान हिंसा हुई हो और किसी का खून बहा हो. गिरीश पार्क के सिंघी बागान क्षेत्र में हुई घटना के संबंध में उन्होंने कहा कि मतदान के दिन गिरीश पार्क में जो भी विवाद हुआ था, वह चुनाव के बाद हुआ. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है. वाम मोरचा के समय तो उनके समर्थक चुनाव के दिन बंदूक लेकर रास्ते पर चलते थे और लोगों को सरेआम डराया-धमकाया जता था. वह स्वयं घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लेने पहुंची थीं. हम शांतिपूर्ण मतदान चाहते हैं और ऐसा करने से हमें कोई नहीं रोक सकता.
बूथों पर तैनात नहीं होंगे केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान
कोलकाता. राज्य सरकार पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रही है. ऐसे में निकाय चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात करने से सरकार पर बोझ बढ़ जायेगा, क्योंकि इन जवानों के खाने-पीने की व्यवस्था राज्य सरकार को ही करनी पड़ती है. केंद्र सरकार ने अंतिम चरण में फोर्स देने की बात कही है. मात्र कुछ घंटों के अंदर इन्हें सभी जगहों पर पहुंचाना व तैनाती संभव नहीं है. ये बातें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहीं. राज्य के गृह विभाग को केंद्र ने बताया है कि से जवान सिर्फ पेट्रोलिंग ड्यूटी करेंगे. ये बूथों पर तैनात नहीं रहेंगे.

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