उत्तर बंगाल निकाय चुनावों में भी जतायी हिंसा की आशंका

राज्य चुनाव आयोग को भी बताया कठपुतली सिलीगुड़ी : तृणमूल-माक पा-कांग्रेस तीनों चोर-चोर मौसेरे भाई हैं. तीनों ही एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं. बंगाल की जनता ने पहले कांग्रेस, फिर 34 साल माकपा यानी वाम अब चार वर्ष ममता की मां-माटी-मानुष की तृणमूल सरकार को देखा. एक समय पूरा विश्व बंगाल का लोहा मानता […]

राज्य चुनाव आयोग को भी बताया कठपुतली
सिलीगुड़ी : तृणमूल-माक पा-कांग्रेस तीनों चोर-चोर मौसेरे भाई हैं. तीनों ही एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं. बंगाल की जनता ने पहले कांग्रेस, फिर 34 साल माकपा यानी वाम अब चार वर्ष ममता की मां-माटी-मानुष की तृणमूल सरकार को देखा.
एक समय पूरा विश्व बंगाल का लोहा मानता था,आज वहीं बंगाल ओछी राजनीति के कारण गर्त में चला गया है. ममता सरकार ने मात्र चार वर्षो में ही बंगाल को लालू के जंगलराज व मुलायम के गुंडाराज में तब्दील कर दिया है. यह कहना है भाजपा के बंगाल प्रांत के प्रभारी सिद्धार्थनाथ सिंह का. वह निगम चुनाव को लेकर इन दिनों सिलीगुड़ी के दौरे पर हैं.
आज सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में प्रेस-वार्ता के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने बंगाल की राजनीति को लेकर जहां कांग्रेस व माकपा पर निशाना साधा वहीं ममता के तृणमूल सरकार पर जोरदार हमला किया. केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में बिल प्रस्ताव पर ममता आंदोलन कर रोड़ा डालने की कोशिस कर रही है और किसानों के विकास पर केंद्र पर सवाल खड़ा कर रही है.
उन्होंने ममता पर ही पलटवार करते हुए सवाल किया कि पांच साल पहले वह खुद सिंगुर के किसानों के जमीन की राजनैतिक आंदोलन कर मुख्यमंत्री (सीएम) के सिंहासन पर विराजमान हुई. ममता ने आंदोलन के दौरान सत्ता में आने के बाद किसानों के विकास की कई वादे किए. कहा था टाटा के नैनों जैसी सैकड़ों फैक्ट्रियां यहां स्थापित करुंगी.
सिंगुर के किसानों की जमीन वापस लौटाउंगी. प्रत्येक किसान परिवारों के घरों से एक युवक को फैक्ट्रियों में नौकरियां दी जायेंगी. श्री सिंह ने ममता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक भी फैक्ट्री स्थापित की हैं तो ममता बतायें, टाटा की कई एकड़ जमीन पांच साल पहले जहां थी आज भी वहीं है. एक इंच जमीन भी किसानों को लौटाई हो तो ममता बतायें. एक भी युवक को नौकरियां दी हो तो ममता ताल ठोंक कर कहें.
श्री सिंह ने कहा कि ममता ने पहले भी किसानों के साथ केवल वोट बैंक की राजनीति की आज भी वहीं कर रही है. लेकिन बंगाल के किसान व जनता ममता के भड़कावे में नहीं आनेवाले. यह बात अब ममता भी अच्छी तरह समझ रही है और दीदी को अब बंगाल की जमीन खिसकती नजर आ रही है.
इसलिए बौखला गयी है और किसी भी कीमत पर बंगाल के निकाय चुनाव जोर जबरदस्ती जीतना चाहती है. निकाय चुनावों में केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों का न होने का ताजा उदाहरण कोलकाता का निकाय चुनाव है,जहां तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी की व पुलिस देखती रही. मतदाताओं को मत डालने की तो दूर की बात मतदान कें द्रों तक उन्हें पहुंचने नहीं दिया. विरोधी पार्टियों के प्रत्याशियों, कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला किया गया. मतदाताओं को डराया-धमकाया गया.
बूथों में तांडव मचाया गया.श्री सिंह ने राज्य चुनाव आयोग को तृणमूल सरकार की कठपुतली करार दिया. उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियों के बार-बार केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों की मांग किये जाने के बावजूद राज्य चुनाव आयोग राज्य सरकार के इशारे पर ही जानबूझ कर अंतिम समय में केंद्र से इसकी मांग की जो किसी भी कीमत पर संभव नहीं था.
उन्होंने कोलकाता जैसी घटना अब सिलीगुड़ी समेत पूरे उत्तर बंगाल के निकाय चुनावों में दोहराये जाने की आशंका जतायी. श्री सिंह ने कहा कि अगर बंगाल में संवैधानिक, लोकतांत्रिक व निष्पक्ष चुनाव होता है तो जिस रास्ते तृणमूल आयी थी उसी रास्ते वापस लौट जायेगी. प्रेस-वार्ता के दौरान भाजपा के प्रांतीय महासचिव विश्वप्रिय राय चौधरी, सिलीगुड़ी जिला अध्यक्ष रथिंद्रनाथ बोस, सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश अग्रवाल (सिमी) व भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बापी पाल ने भी मीडिया को संबोधित किया.
सिद्धार्थ ने राहुल पर साधा निशाना
भाजपा नेता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. सिलीगुड़ी में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए श्री सिंह ने कहा कि राहुल के जीजा एक-डेढ़ वर्ष पहले ही हरियाणा में कई एकड़ उपजाउ जमीन किसानों से हड़प ली थी.
राहुल जी भारत के समस्त किसानों का जरा इस मामले में जवाब दें. राहुल जी जरा जवाब दें कि किसानों को क्या चार गुणा मुआवजा दिया गया. अगर जवाब नहीं है तो उन्होंने राहुल गांधी को किसानों को लेकर ओछी राजनीति न करने एवं मगरमच्छ के आंसू न रोने की नसीहत दी.
उन्होंने कहा कि दो महीने बाद राहुल की घर वापसी हुई है. जब किसानों का फसल प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ी तो राहुल जी कहां थे. श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं का अचानक विलुप्त होना और अचानक वापस लौटने का नाटक कोई नया नहीं है.

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