किसी के पक्ष में कोई लहर नहीं

चुनाव प्रचार : आने लगे हैं विभिन्न दलों के हैवीवेट नेता सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव को लेकर सभी 47 वार्डो में चुनाव प्रचार उफान पर है. न केवल प्रत्याशी, बल्कि विभिन्न दलों के बड़े नेता भी वोट मांगने के लिए तंग गलियों की खाक छान रहे हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम का चुनाव 25 […]

चुनाव प्रचार : आने लगे हैं विभिन्न दलों के हैवीवेट नेता
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव को लेकर सभी 47 वार्डो में चुनाव प्रचार उफान पर है. न केवल प्रत्याशी, बल्कि विभिन्न दलों के बड़े नेता भी वोट मांगने के लिए तंग गलियों की खाक छान रहे हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम का चुनाव 25 अप्रैल को होना है और चुनाव प्रचार के लिए अब मुश्किल से सात दिनों का वक्त बचा हुआ है.
ऐसे में कोई भी राजनीतिक दल के नेता अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते. हर वार्डो में ही हर घड़ी रैली, जनसभा, पथसभा, पदयात्र, रोड शो आदि का दौर जारी है. पूरा शहर रंग-बिरंगे झंडे से पटा हुआ है. इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर उम्मीदवारों के बड़े-बड़े चुनावी होर्डिग भी लगाये गये हैं. हालांकि इतना भारी भरकम प्रचार को देखते हुए आम मतदाताओं के मन में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. चुनाव खर्च की सीमा को लेकर भी चर्चा की जा रही है.
नियमानुसार एक उम्मीदवार चुनाव प्रचार में 60 हजार रुपये से अधिक की राशि खर्च नहीं कर सकता. विभिन्न वार्डो में जितने अधिक चुनावी कार्यालय बनाये गये हैं और चुनावी झंडे, पोस्टर, होर्डिग आदि लगाये गये हैं, इससे साफ है कि चुनाव खर्च की सीमा 60 हजार रुपये के पार कर जायेगी. विभिन्न उम्मीदवारों से जब इस मुद्दे पर बातचीत की गई तो इन लोगों का कहना था कि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार पर 60 हजार रुपये से भी कम खर्च किये हैं.
जो बड़े-बड़े होर्डिग और पोस्टर लगाये गये हैं, वह उनके समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने लगाये हैं. सिलीगुड़ी के आम मतदाता इस प्रकार के हाईटेक चुनाव प्रचार को देखकर अवाक हैं. इन लोगों का कहना है कि इससे पहले भी सिलीगुड़ी नगर निगम के चुनाव हुए हैं, लेकिन चुनाव प्रचार में इस तरह की मारामारी नहीं देखी गई.
हालांकि आम मतदाता चुनाव परिणाम को लेकर पूरी तरह से खामोश हैं. इसके पक्ष में चुनाव प्रचार होगा, इस मुद्दे पर काफी कुरेदने के बाद भी आम मतदाता कुछ भी कहने से इंकार करते हैं. दूसरी तरफ इस बार के नगर निगम चुनाव में किसी प्रकार की कोई हवा नहीं दिख रही है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार का चुनाव परिणाम किसी के पक्ष में भी जा सकता है.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वर्ष 2009 के चुनाव में पूरे राज्य में सत्ता विरोधी लहर थी. वाम मोरचा के खिलाफ पूरे राज्य में हवा चल रही थी. तृणमूल कांग्रेस एवं कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा और वाम मोरचा हवा हो गई.
वाम मोरचा ने हालांकि 17 सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन बोर्ड का गठन नहीं कर पाई. रूठने और मनाने के दौर के बीच तृणमूल कांग्रेस तथा कांग्रेस ने मिलकर बोर्ड का गठन किया और करीब चार वर्षो तक यहां सत्ता में रहे. इस बार वाम मोरचा पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य को मेयर पद का उम्मीदवार घोषित कर चुनाव मैदान में उतरी है.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे वाम मोरचा को फायदा हो सकता है. अशोक भट्टाचार्य ने भी वाम मोरचा की ही जीत का दावा किया है. इनका कहना है कि तमाम अनुमानों को ध्वस्त करते हुए वाम मोरचा की जीत होगी. उन्होंने कहा कि वाम मोरचा द्वारा किये गये कार्यो तथा तृणमूल कांग्रेस एवं कांग्रेस के बोर्ड द्वारा किये गये कार्यो की तुलना करने के बाद सिलीगुड़ी के आम मतदाता वाम मोरचा के पक्ष में मतदान करेंगे.
वाम मोरचा ने एक लिफलेट भी तैयार करवाया है जिसमें वाम मोरचा बोर्ड द्वाराकिये गये कार्र्यो एवं कांग्रेस-तृणमूल कांग्रेस बोर्ड द्वारा किये गये कार्यो का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया है. वाम मोरचा उम्मीदवार घर-घर जाकर मतदाताओं से मिल रहे हैं और उनको यह लिफलेट दे रहे हैं. दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव में भारी जीत का दावा किया है.
तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष तथा उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव का कहना है कि वह मिशन 40 के तहत काम कर रहे हैं. उन्होंने कम से कम 40 वार्डो में तृणमूल कांग्रेस की जीत का दावा किया है. तृणमूल कांग्रेस के जिला महासचिव मदन भट्टाचार्य का भी कुछ ऐसा ही कहना है.
उन्होंने कहा है कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिस प्रकार से विकास का काम कर रही हैं इसको देखकर सिलीगुड़ी के मतदाता भी तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे. इस बार यहां चौतरफा मुकाबले की उम्मीद है. वाम मोरचा, तृणमूल कांग्रेस, भाजपा तथा कांग्रेस के बीच चौतरफा मुकाबला होगा. भाजपा तथा कांग्रेस के नेता भी जीत के दावे कर रहे हैं.
लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 21 वार्डो में बढ़त हासिल की थी. इसी बढ़त के आधार पर भाजपा नेताओं के हौसले बुलंद हैं. कांग्रेस भी कई वार्डो में जीत के दावे कर रही है. ऐसी स्थिति में राजनीतिक विश्लेषक त्रिशंकु चुनाव परिणाम होने की उम्मीद भी जाहिर कर रहे हैं. इस बीच, चुनाव प्रचार के लिए हैवीवेट नेताओं के आने का क्रम शुरू हो गया है. सभी दलों के तमाम बड़े नेता चुनाव प्रचार के लिए आ रहे हैं. कांग्रेस की ओर से मालदा की सांसद मौसम बेनजीर यहां चुनाव प्रचार के लिए आने वाली हैं.
इसके अलावा और भी कई बड़े नेता आयेंगे. तृणमूल कांग्रेस की ओर से सांसद दोला सेन चुनाव प्रचार के लिए आयी हुई हैं. उन्होंने वार्ड नंबर 6 में अरुप रतन घोष के लिए चुनाव प्रचार किया. भाजपा की ओर से सांसद एसएस अहलुवालिया तथा शहनवाज हुसैन भी यहां पहुंच गये हैं. इन दोनों नेताओं के कई स्थानों पर चुनाव प्रचार करने का कार्यक्रम है.

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