शीर्ष तृणमूल नेताओं को यह अहसास हो गया है कि टिकट नहीं मिलने से कई लोग बागी होंगे और देर सबेर इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा. यही वजह है कि पार्टी विभिन्न विरोधी दलों द्वारा उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद अपना उम्मीदवार घोषित करेगी. पार्टी सूत्रों ने बताया है कि कांग्रेस और भाजपा के नेता तृणमूल के बागी नेताओं पर नजर टिकाये हुए हैं. जो लोग भी पार्टी छोड़ेंगे उनको भाजपा तथा कांग्रेस लपकने की कोशिश करेगी. यही वजह है कि तृणमूल कांग्रेस पहले विरोधी दलों द्वारा उम्मीदवार घोषित किये जाने का इंतजार कर रही है. इधर, जोना बागची के बाद तृणमूल के एक और नेता ने इस्तीफा दे दिया है. वार्ड नंबर 11 के तृणमूल कांग्रेस नेता अमरेश गोयल द्वारा पार्टी छोड़ने की खबर है. वह जिला तृणमूल कांग्रेस के कार्यकारी समिति के सदस्य हैं. ऐसी ही भागमभाग की स्थिति वार्ड नंबर 3 तथा वार्ड नंबर 42 में मचने की संभावना है. वार्ड नंबर 3 में तो तृणमूल समर्थकों ने नागरिक मंच का गठन कर उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव की परेशानी बढ़ा दी है. वार्ड नंबर 3 से वार्ड अध्यक्ष गोपाल साहा टिकट के प्रबल दावेदार हैं. जबकि पार्टी पूर्व कांग्रेस नेता तथा सिलीगुड़ी नगर निगम के पूर्व एमआईसी संजय पाठक को उम्मीदवार बनाना चाहती है.
श्री पाठक कुछ महीने पहले ही कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं. संजय पाठक की उम्मीदवारी के विरोध में नागरिक मंच के सदस्यों ने वार्ड नंबर 3 के गुरूंग बस्ती में 24 घंटे का धरना भी दिया. इन लोगों का कहना था कि गोपाल साहा वार्ड नंबर 3 के स्थायी वासिंदा हैं. उन्होंने इस वार्ड में तृणमूल कांग्रेस को खड़ा किया है. ऐसे में किसी बाहरी उम्मीदवार को इस वार्ड के लोगों पर थोपने को बर्दाश्त नहीं करेंगे. यहां उल्लेखनीय है कि संजय पाठक पड़ोसी वार्ड 1 नंबर से काउंसिलर थे. इस वार्ड के अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाने के बाद वह बेघर हो गये हैं और एक अदद सीट की तलाश कर रहे हैं. ऐसे में वार्ड नंबर 3 में टिकट को लेकर तृणमूल कांग्रेस के ही दो नेता संजय पाठक और गोपाल साहा आमने-सामने हैं. कमोवेश यही स्थिति वार्ड नंबर 42 में भी है. वार्ड नंबर 42 में श्यामल राय तथा जीतेन पाल का गुट टिकट को लेकर आमने-सामने है. पिछले दिनों जब उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव वहां गये थे, तब दोनों गुटों में एक-दूसरे के खिलाफ मंत्री के सामने ही जमकर नारेबाजी की थी. यहां भी श्यामल राय का कहना है कि उन्होंने शुरू से पार्टी की सेवा की है और इस वार्ड से नगर निगम का चुनाव लड़ने के असली हकदार वही हैं. जबकि जीतेन पाल कुछ दिनों पहले तक सीपीएम में थे और अब टिकट की आस में तृणमूल कांग्रेस में आ गये हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम के करीब 10 से 15 वार्डो में यही स्थिति है. इन वार्डो में तृणमूल कांग्रेस को भीतरघात की भी आशंका सता रही है.
