यहां की सड़क न पहचानने के कारण वह रो रही थी. रंजीता ने बताया कि वह चतुर्थ श्रेणी तक ही पढ़ाई की है. चार भाई-बहनों में वह सबसे छोटी है. काफी पहले ही पिता का निधन हो गया है. मां चाय बागान में काम करती है. घर में प्रत्येक दिन ही सही तरीके से खाना नहीं जुटता. इसलिए मजबूरीवश काम के लिए सिलीगुड़ी आ गयी. बाद में कल शाम को उसे सिलीगुड़ी थानांतर्गत पानीटंकी पुलिस चौकी में सौंप दिया गया. वहां से औपचारिक कार्रवाई पूरी कर रंजीता को चाइल्ड लाइन ने अपने हिफाजत में ले लिया. पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है.
चाइल्ड लाइन के संरक्षण में किशोरी
सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के आश्रमपाड़ा से नागराकाटा चाय बागान की एक 13 वर्षीय नाबालिगा बरामद हुई है. आरोप है कि बागान में ही रहने वाले एक पड़ोसी ने उसे काम का प्रलोभन देकर कुछ दिन पहले ही सिलीगुड़ी लाया था. कल आश्रमपाड़ा के पाकुड़तला मोड़ इलाके में उसे रोते हुए देख स्थानीय लोगों को संदेह हुआ. […]

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के आश्रमपाड़ा से नागराकाटा चाय बागान की एक 13 वर्षीय नाबालिगा बरामद हुई है. आरोप है कि बागान में ही रहने वाले एक पड़ोसी ने उसे काम का प्रलोभन देकर कुछ दिन पहले ही सिलीगुड़ी लाया था. कल आश्रमपाड़ा के पाकुड़तला मोड़ इलाके में उसे रोते हुए देख स्थानीय लोगों को संदेह हुआ.
पूरी जानकारी लेने पर इसकी जानकारी एक एनजीओ चाइल्ड लाइन को दी गयी. चाइल्ड लाइन के सहयोग से नाबालिगा को सही सलामत पुलिस के हाथों सौंप दिया गया. मिली जानकारी के अनुसार, बरामद नाबालिगा का नाम रंजिता ग्वाला (13) है. वह डुवार्स के नागराकाटा चाय बागान की दीप लाइन की रहने वाली है. कल पाकुड़तला मोड़ के लोगों व जेटीएस क्लब के सदस्यों ने उसे पहले समाजसेवी सोमनाथ चटर्जी के पास ले गये. श्री चटर्जी ने उसकी पहले पूरी जानकारी ली. रंजीता ने श्री चटर्जी को बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर पड़ोस में ही रहने वाले एक भैया ने उसे बुधवार को सिलीगुड़ी लाया था. यहां उसे एक घर में बंधक बनाकर रखा गया था. कल वह किसी तरह वहां से भाग खड़ी हुई.
चाइल्ड लाइन के प्रवक्ता महेन्द्र गुप्ता का कहना है कि चाय बागानों की बदहाल अवस्था एवं चाय कर्मियों की आर्थिक तंगी का फायदा मानव तस्कर गिरोह उठा रहे हैं. चाय बागानों से किशोर-किशोरी व छोटे मासूमों की तस्करी काफी बढ़ी है. श्री गुप्ता ने कहा कि रंजीता को सही सलामत उसे घर पहुंचाने की जिम्मेदारी अब हमारी है. इससे पहले चाइल्ड लाइन केन्द्र में उसकी काउंसिलिंग की जायेगी. हम भी अपने स्तर पर पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे. और उसकी पूरी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जायेगी.