यह कहना है सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर (सीपी) मनोज वर्मा का. वह आज सिलीगुड़ी थाना कैंपस स्थित डीटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) में साइबर क्राइम थाना के उद्घाटन समारोह के दौरान मीडिया के सामने यह बातें की. श्री वर्मा द्वारा इसका उद्घाटन किये जाने के साथ ही सिलीगुड़ी का साइबर क्राइम थाना उत्तर बंगाल का पहला क्राइम थाना हो गया.
साथ ही श्री वर्मा ने साइबर क्राइम थाना की लगाम भी इंस्पेक्टर सुभाशीष चाकी के हाथ में सौंप दिया. उन्होंने कहा कि फिलहाल इस थाने की शुरुआत इंस्पेक्टर के अलावा एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई), दो एएसआई, तीन पुरुष कांस्टेबल व दो महिला कांस्टेबल के साथ की गयी है. धीरे-धीरे इसका और भी ढ़ाचागत विकास होगा. श्री वर्मा ने कहा कि अब-तक सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डीडी व सभी थानों में साइबर क्राइम के सेल थे. अब साइबर क्राइम से जुड़े सभी मामलों का निपटारा यहीं से होगा. अगर साइबर क्राइम से पीड़ित किसी का मामला थानों में दर्ज नहीं किया जा रहा है तो वह बेहिचक इसी थानें में आकर रपट दर्ज करा सकता है.
उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम से जुड़े अपराध कम्प्युटर व एंड्रॉयेड मोबाइल के मार्फत सोशल नेटवर्किग का दुरुपयोग जैसे फे सबुक, वाट्सएप के जरिये आपत्तिजनक एमएमएस, एसएमएस बनाकर किसी को ब्लैकमेलिंग करने, ऑनलाइन फ्रॉड व चिटिंग करना जैसे एटीएम से किसी के एकाउंट से रुपये गबन करना है. उद्घाटन समारोह के दौरान डीसीपी हेडक्वार्टर ओजी पाल के अलावा बड़ी संख्या में सभी थानों के इंस्पेक्टर व पुलिस आलाधिकारी मौजूद थे.
