इस समावेश का आयोजन सिलीगुड़ी माकपा की जोनल कमेटी ने किया था. समावेश को संबोधित करते हुए वरिष्ठ माकपा नेता तथा रायगंज के सांसद मोहम्मद सलिम ने सारधा घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस को आड़े हाथो लिया. उन्होंने कहा कि एक पर एक तृणमूल कांग्रेस के नेता और मंत्री इस घोटाले की जड़ में आ रहे हैं. कई तो जेल में बद है. सीबीआइ जांच से परत दार परत खोलेंगे और तृणमूल कांग्रेस के और भी कई नेता और मंत्री जेल में होंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में विरोधी दलों के आवाज दबाए जा रहे है.
महिला अत्याचार बढ़ने के साथ साथ कानून व्यवस्था भी काफी बिगड़ गयी है. राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर पुलिस विरोधियों का आंदोलन कुचल रही है. ऐसा तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के ईशारे पर हो रहा है. हर दिन ही कहीं न कहीं माकपा तथा अन्य विरोधी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे है. उन्होंने आम लोगों से आने वाले चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को राज्य से उखार फेंकने का आह्वान किया. श्री सेलिम ने आगे कहा कि राज्य में वाम मोरचा ही एकमात्र विकल्प है. वाम मोरचा के 34 साल के शासनकाल के बाद परिवर्तन के नाम पर तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आयी और उसके बाद से ही राज्य की स्थिति लगातार बिगड़ रही है.
परिवर्तन के नाम पर राज्य के लोगों ने तृणमूल कांग्रेस को वोट दिया था और ममता बनर्जी राज्य की मुख्यमंत्री बनी थी, लेकिन वह राज्यवासियों की अपेक्षा पर खड़ी नहीं उतर पायी. उन्होंने भाजपा की भी कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि वाम मोरचा के अलावा राज्य में और कोई पार्टी विकल्प नहीं बन सकती.
भाजपा को उन्होंने सांप्रदायिक दल बताया और कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी हार ने यह साबित कर दिया है कि देश के लोगों का भाजपा से भी मोहभंग हो गया है. सत्ता में आने से पहले नरेंद्र मोदी ने भी अच्छे दिन आने के नाम पर आम लोगों से कई वायदे किये, लेकिन करीब नौ महीने के शासनकाल में वह कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं कर सकें. जिससे स्वाभाविक तौर पर भाजपा से भी लोगों का मोह भंग हुआ है. जनसभा को पूर्व मंत्री मानव मुखर्जी तथा वाममोरचा के जिला संयोजक अशोक भट्टाचार्य ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ थी.
