राज्य बजट में चाय उद्योग को मिली बड़ी राहत

केंद्रीय बजट में उपेक्षित चाय-वलय को मिलेगी बड़ी राहत, श्रमिकों के लिए पेंशन और आवासीय योजना नागराकाटा : राज्य विधानसभा में सोमवार को पेश बजट के जरिये राज्य की तृणमूल सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा उपेक्षित चाय उद्योग और श्रमिक परिवारों को राहत देने का प्रयास किया है. इसके अंतर्गत बागानों के बेघर चाय श्रमिकों […]

केंद्रीय बजट में उपेक्षित चाय-वलय को मिलेगी बड़ी राहत, श्रमिकों के लिए पेंशन और आवासीय योजना

नागराकाटा : राज्य विधानसभा में सोमवार को पेश बजट के जरिये राज्य की तृणमूल सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा उपेक्षित चाय उद्योग और श्रमिक परिवारों को राहत देने का प्रयास किया है.
इसके अंतर्गत बागानों के बेघर चाय श्रमिकों के लिये पक्का घर, चाय उद्योग को कृषि आयकर से मुक्त रखने और साठ प्लस श्रमिकों को राज्य सरकार की ओर से एक हजार रुपये की पेंशन की योजना प्रस्तावित की गयी है. इनमें आवासीय योजना को चाय सुंदरी का नाम दिया गया है. इस योजना से चाय बागान श्रमिक विशेष रुप से लाभान्वित होंगे.
उल्लेखनीय है कि चाय बागानों के आवासों की हालत सोचनीय है. उनकी बहुत से बागानों में मरम्मत भी नहीं हो पा रही है. ऐसे में यह आवास योजना चाय श्रमिकों के लिये बड़ी राहत लेकर आया है. इस राहत पैकेज का श्रमिक संगठनों से लेकर बागानों के मालिकान ने स्वागत किया है.
राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने बताया है कि अगले तीन साल के बीच चाय बागानों के जमीन से वंचित स्थायी श्रमिकों को आवास योजना का लाभ मिलेगा. बजट में इसके लिये 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है. वर्ष 2020-21 और 2021-22 के लिये चाय उद्योग को कृषि आयकर से मुक्त रखा जायेगा. साथ ही जय जोहार के नाम से 60 वर्ष से उपर के श्रमिकों के लिये एक हजार रुपये की पेंशन योजना चालू की जायेगी.
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल के वरिष्ठ नेता और चाय बागान तृणमूल कांग्रेस मजदूर यूनियन के अध्यक्ष मोहन शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार को चाय बागानों की सुध नहीं रही. लेकिन ममता सरकार ने उनका पूरा पूरा ख्याल रखा है. युगांतकारी आवासीय योजना के लिये वे चाय श्रमिक परिवार से होने के नाते कृतज्ञता प्रकट करते हैं. संगठन के एक अन्य वरिष्ठ नेता और कालचीनी पंचायत समिति के उपसभापति बाबलु मुखर्जी ने कहा कि प्रकल्प को लेकर जमीन की कोई समस्या नहीं होगी. वहीं, ज्वाइंट फोरम के संयोजक मणि कुमार दर्नाल ने कहा कि चाय सुंदरी का स्वागत करते हैं.
पीटीडब्ल्यूयू के चेयरमैन तेज कुमार टोप्पो ने कहा कि बहुत ही अच्छी पहल है. लेकिन घर के साथ जमीन का पट्टा भी मिले तो बेहतर होगा. भाजपा की भारतीय टी वर्कर्स यूनियन के चेयरमैन और सांसद जॉन बारला ने कहा कि चुनाव के पहले जनता का समर्थन पाने का यह एक प्रयास है जो कभी लागू नहीं होगा. केंद्र सरकार की कई सामाजिक योजनाओं को राज्य सरकार लागू नहीं कर रही है.
चाय बागानों के संगठन टाई के डुआर्स शाखा सचिव राम अवतार शर्मा ने कहा कि सरकारी योजना में चाय श्रमिकों के लिये यह पहली आवासीय योजना है. इससे श्रमिकों का जीवन स्तर सुधरेगा. सीसीपीए के महासचिव अरिजित राहा ने कहा कि कृषि आयकर से छूट मिलने से संकट में रहे चाय उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी.

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