फिर से फाइनैंस ऑफिसर व दो असिस्टेंट रजिस्ट्रार को बनाया बंधक
मालदा : 36 घंटे तक घेराव के बाद गौड़बंग विश्वविद्यालय के डिप्टी कंट्रोलर को मंगलवार की रात मुक्त किया गया. लेकिन बुधवार दोपहर 3 बजे फिर से फाइनांस ऑफिसर रवींद्रनाथ सरकार एवं दो असिस्टेंट रजिस्ट्रार अभिजीत सरकार व सिद्धार्थ शंकर मन्ना को बंधक बनाया गया है. इसके कारण एकबार फिर गौड़बंग विश्वविद्यालय में तनाव छा गया. बीते सोमवार से विश्वविद्यालय में घेराव आंदोलन चल रहा है. पहले दिन 122 अस्थायी कर्मचारियों ने डिप्टी कंट्रोलर विनय हालदार को 36 घंटे तक घेराव कर रखा.
सारा बांग्ला तृणमूल शिक्षा बंधु समिति के अध्यक्ष शुभायु दास ने कहा कि मंगलवार रात को रजिस्ट्रार बिप्लव गिरी ने वादा किया था कि बुधवार सुबह 10 बजे वह विश्वविद्यालय पहुंचेंगे. उनका भरोसा करके डिप्टी कंट्रोलर को मंगलवार रात घेराव मुक्त किया गया. लेकिन रजिस्ट्रार बुधवार को नहीं पहुंचे. इसलिए और तीन अधिकारी का घेराव किया गया है.
आन्दोलनकारियों का आरोप है कि 24 जनवरी से विश्वविद्यालय में रजीस्ट्रार नहीं आ रहे हैं. कुलपति भी नहीं है. हालांकि करोड़ रुपये का बिल पास होता जा रहा है. उनलोगों ने बताया कि 24 जनवरी से यूनिवर्सिटी में वाई-फाई लगाने के लिए एक करोड़ रुपये व कॉपी खरीदने के लिए एक करोड़ रुपये अनुमोदित हुए हैं. हालांकि काम कुछ भी नहीं हुआ है.
इधर घेराव मुक्त होने के बाद डिप्टी कंट्रोलर विनय हालदार ने कहा कि दो रातों से जागे हुये हैं. तबियत काफी खराब है. इसलिए वह ड्यूटी पर नहीं जा सके. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के गतिरोध के दूरीकरण के लिए उच्चस्तरीय हस्तक्षेप होनी चाहिए.
