खुफिया अधिकारी : हांगकांग के छात्र आंदोलन के दौरान हुआ था इस बम का उपयोग
मालदा : जिले के मानिकचक थानांतर्गत मथुरापुर ग्राम पंचायत के सिंहपाड़ा में बरामद गुलेल बम की गुत्थी सुलझाने में जिला पुलिस के साथ सीआईडी विभाग जुट गया है. पुलिस जहां बाकी दो आरोपियों की तलाश में जुट गयी है वहीं, सीआईडी के अधिकारियों ने इसकी जांच शुरु कर दी है. विभाग के सूत्र ने बताया है कि यह पहली बार है कि बंगाल के किसी जिले में इस तरह के गुलेल बम का प्रयोग हुआ है. इसके पहले हांगकांग के छात्र आंदोलन के दौरान इस बम के उपयोग का आरोप वहां के प्रशासन ने छात्रों पर लगाया था.
इसके अलावा एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने सुना है कि उत्तरप्रदेश में इस बम का कभी उपयोग हुआ था. इस बम के अध्ययन के दौरान सीआईडी के अधिकारी भी हैरत में हैं. सूत्र ने बताया कि इस बम के निर्माण में सेरिट अक्साइड और बारुद का उपयोग किया गया है. इसकी तकनीक इंटरनेट से हासिल की गयी है जिससे यह अनुमान होता है कि इसके पीछे शिक्षित व्यक्तियों का हाथ है.
हालांकि जो दो आरोपी अस्पताल में उपचाराधीन हैं और जो इस घटना से संलिप्त बताये गये हैं वे ज्यादा पढ़ लिखे नहीं लगते. इसलिये इस काम में कोई बड़ा दिमाग काम कर रहा है. उल्लेखनीय है कि जिस सिंहपाड़ा के आमबागान में यह विस्फोट हुआ था वहां से जख्मी हालत में दो युवक मालदा मेडिकल कॉलेज में इलाजरत हैं. सिटू मंडल (20) और कूष्ण चौधरी (21) इनका इलाज पुलिस की निगरानी में चल रहा है.
हालांकि घटना के समय वहां चार लोग थे जिनमें से दो या तो मर गये हैं या भूमिगत हो गये हैं. पुलिस उनकी जोरशोर से तलाश कर रही है. एसपी आलोक राजोरिया ने बताया कि मानिकचक इलाके के आमबागान में बम विस्फोट की जांच चल रही है. इससे जुड़े अपराधियों की तलाश की जा रही है.
