लिवर कोशिकाओं में अधिक वसा जमने से होता है एनएएफएलडी
सिलीगुड़ी :नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग एक ऐसी बीमारी है जो शराब का अनियमित मात्रा में सेवन करते हैं. नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग का मुख्य लक्षण लिवर की कोशिकाओं में बहुत अधिक वसा जमा होना है. इस बीमारी का संभावित रूप है नॉन अल्कोहलिक स्टेटोहेपेटाइटिस, जो लिवर की सूजन के रूप में सामने आता […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
सिलीगुड़ी :नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग एक ऐसी बीमारी है जो शराब का अनियमित मात्रा में सेवन करते हैं. नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग का मुख्य लक्षण लिवर की कोशिकाओं में बहुत अधिक वसा जमा होना है. इस बीमारी का संभावित रूप है नॉन अल्कोहलिक स्टेटोहेपेटाइटिस, जो लिवर की सूजन के रूप में सामने आता है. इससे लिवर को अपूरणीय क्षति हो सकती है.
यह क्षति अत्यधिक शराब के सेवन से होने वाले नुकसान जैसा है. प्रभात खबर से विशेष बातचीत में डॉ अमित अग्रवाल ने ये बातें कही. बालाजी हेल्थ केयर और नेवटिया गेटवेल हेल्थकेयर में अपनी सेवा दे रहे डॉ अग्रवाल ने इस बीमारी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की.
उन्होंने कहा कि एनएएफएलडी आगे चलकर सबसे गंभीर नॉन अल्कोहल स्टेटोहेपेटाइटिस सिरोसिस और लीवर डैमेज की ओर बढ़ सकता है. नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर बीमारी पूरी दुनिया खासकर पश्चिमी देशों में तेजी से बढ़ रही है. लेकिन अब एशियाई देशों में भी एनएएफएलडी बीमारी बढ़ती जा रही है.
एक रिसर्च के मुताबिक हर चार में से एक व्यक्ति में फैटी लिवर हो सकता है. नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग हर आयु वर्ग में होता है. विशेष रूप से 40 और 50 साल के लोगों में, जो मोटापे और टाइप-2 मधुमेह जैसे जोखिम वाले कारकों के कारण, ह्रदय रोग के उच्च जोखिम वाले कारकों के कारण और मेटाबॉलिक सिंड्रॉम से ग्रसित मरीजों में यह बीमारी होने की आशंका ज्यादा रहती है. यह बीमारी असामान्यताओं का एक समूह है जिसमें पेट की चर्बी में वृद्धि, हार्मोन इंसुलिन का उपयोग करने की कम क्षमता, उच्च रक्तचाप और ट्राई ग्लिसराइड्स का उच्च रक्त स्तर जैसे कारण शामिल है.
नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग आमतौर पर कोई संकेत और लक्षण नहीं देता. जब यह बीमारी होती है तो इसे में बढ़ा हुआ लिवर, थकान, पेट के उपरी दाएं हिस्से में दर्द, पेट की सूजन(जलोदर), बढ़ी हुई रक्त वाहिकाएं, पुरुषों में बढ़े हुए स्तन, बढ़ी हुई प्लीहा, हथेली का लाल होना और त्वचा और आंखों का पीला पड़ना(पीलिया) है. विशेषज्ञ ठीक से नहीं जानते कि क्यों कुछ लोगों के लिवर में वसा जमा हो जाती है, जबकि अन्य में नहीं. इसी तरह इसकी सीमित जानकारी है कि कुछ फैटी लिवर में सूजन क्यों पैदा हो जाती है, जिससे सिरोसिस होता है.