एनआरसी-सीएए के विरोध में होगा शक्ति प्रदर्शन
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बुलंद होगी आवाज
सिलीगुड़ी : बंगाल में भाजपा का जनाधार कम करने के लिए तृणमूल ने मोर्चा खोल दिया है. केंद्र की जनविरोधी नीतियों के विरूद्ध तृणमूल सुप्रीमो सह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले 14 दिसंबर को कोलकाता में विशाल पदयात्रा की थी और अब तीन जनवरी को सिलीगुड़ी में पदयात्रा करेंगी.
राजनीति विश्लेषकों के मुताबिक पूरे बंगाल में भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ता जा रहा है. बंगाल में बीते वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 18 सीटों पर कब्जा कर तृणमूल के ही घाटी में जबरदस्त सेंधमारी की थी.
साथ ही ताजा उदाहरण एनआरसी व सीएए के समर्थन में भाजपा ने कोलकाता व सिलीगुड़ी एतिहासिक विशाल पदयात्रा निकालकर ममता को अपनी ताकत दिखायी थी. लेकिन एनआरसी व सीएए के विरोध में सभी विपक्षी पार्टियां देश भर में आंदोलन कर रही है. यहीं वजह है कि ममता भी एनआरसी व सीएए के खिलाफ आंदोलन में जोर-शोर से हिस्सा ले रही है.
इस संबंध में पर्यटन मंत्री गौतम देव का कहना है कि मां-माटी-मानुष की तृणमूल पार्टी कभी भी ओछी राजनीति नहीं करती है. मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर तृणमूल जनता की भलाई व अधिकार के लिए राजनीति करती है. बुधवार को वे सिलीगुड़ी के मल्लागुड़ी के मैनॉक टूरिस्ट लॉज स्थित अपने दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि तीन जनवरी को ममता बनर्जी के नेतृत्व में शहर में एतिहासिक पदयात्रा की जायेगी. इस पदयात्रा में केवल सिलीगुड़ी या आस-पास से ही नहीं बल्कि पहाड़-तराई-डुआर्स से लाखों की संख्या में तृणमूल के नेता-कार्यकर्ताओं व समर्थकों की भीड़ जुटेगी. गौतम देव ने कहा कि यह पदयात्रा शहर के मल्लागुड़ी स्थित खुदीराम बोस की मूर्ति के सामने से शुरू होगी.
ममता 11 बजे वहां पहुंचेगी और खुदीराम को श्रद्धांजलि देकर जन समूह को संबोधित करेंगी. इसके बाद वह साढ़े चार किमी लंबी पदयात्रा में लोगों के साथ कदम से कदम मिलायेगी. पदयात्रा मल्लागुड़ी से शुरू होगी जो हिलकार्ट रोड, एयरव्यू मोड़, हाशमी चौक, कचहरी रोड होते हुए बाघाजतिन पार्क के सामने पहुंचकर समाप्त होगी. मुख्यमंत्री उसी दिन कोलकाता लौट जायेंगी.
