मालदा : श्रमजीवी और आम जनता के हितों में 12 सूत्री मांगों को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आठ जनवरी को भारत बंद बुलाया है. इसको लेकर मंगलवार को मालदा जिला सीटू कार्यालय में प्रेस वार्ता के जरिये संगठन के जिलाध्यक्ष देवज्योति सिन्हा ने आम जनता से बंद में शामिल होने का आह्वान किया.
प्रेस वार्ता में सीटू के अलावा इंटक के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी गुहा, एआईसीसीटीयू अध्यक्ष इब्राहिम शेख और 12 जुलाई कमेटी के अध्यक्ष रतन भास्कर मौजूद रहे.
उल्लेखनीय है कि भारत बंद का 19 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने किया है. उन्होंने कहा कि आठ जनवरी को न तो बस चलेंगी और न ही ट्रेनों का परिचालन करने दिया जायेगा. स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे. हालांकि अस्पतालों और एम्बुलेंस जैसी चिकित्सकीय सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है.
देवज्योति सिन्हा ने बताया कि 12 सूत्री मांगों में मुख्य रुप से मूल्य सूचकांक के अनुरुप न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये करने, न्यूनतम पेंशन दस हजार रुपये करने के अलावा श्रम कानून और परिवहन संशोधन कानून को रद करने, विनिवेश को बंद करने, बंद कारखानों को खोलने, हल्दिया पोर्ट को खोलने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये राशन व्यवस्था सुनिश्चित कर महंगाई पर अंकुश लगाने, मनरेगा के तहत अधिकतम रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की गयी है.
उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार ने बंद को विफल करने का प्रयास किया तो श्रमिक संगठन उसका सड़क पर उतरकर प्रतिरोध करेंगे. हम लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भी यह बंद बुला रहे हैं.
उधर, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अजय गांगुली ने बताया कि प्रतिवाद के नाम पर जनता ने तृणमूल का तांडव देख लिया है जबकि माकपा का तांडव लोगों ने 34 साल तक झेला है. वहीं, तृणमूल के जिला कार्यकारी अध्यक्ष दुलाल सरकार ने बताया कि आम जनता बंद और हड़ताल का समर्थन नहीं करती है. बंद के नाम पर जनता को असुविधा में डालने पर प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा.
