जलपाईगुड़ी : अज्ञात कारणों से हुई दो युवा भाईयों प्रदीप दाम और दोलन दाम की मौत की गुत्थी अभी तक जिला स्वास्थ्य विभाग सुलझा नहीं सका है. हालांकि जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक अंतर्गत खड़िया ग्राम पंचायत के ब्रह्मतलपाड़ा गांव के निवासियों की मौत अभी तक रहस्य बनी हुई है.
सोमवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर ब्लॉक मेडिकल टीम ब्रह्मतलपाड़ा पहुंची और स्थिति का जायजा लेने के अलावा उन्होंने साफ-सफाई को लेकर प्रचार किया. टीम का मानना है कि मरीजों की मौत जैसा कि कुछ लोगों का अनुमान था, स्क्रब टाइफस से नहीं हुई है. वहीं, सिलीगुड़ी के नर्सिंग होम की मेडिकल रिपोर्ट में मरीज की मौत की वजह सेप्टिसेमिया बताया गया है.
आज जिला स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर टीम दो दो बार मृत भाईयों के घर गयी. उन्होंने परिवारवालों से देर तक बातचीत करने के अलावा इलाज वाले कागजात देखे. उल्लेखनीय है कि उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में बेड की कमी के चलते दोनों भाईयों को सिलीगुड़ी के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. वहीं पर पांच रोज के अंतराल पर दोनों भाईयों की मौत हो गयी.
वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से लेकर नर्सिंग होम तक के चिकित्सकीय कागजात की पड़ताल की जायेगी. उधर, पारिवारिक सूत्र के अनुसार दोलन दाम अपने दोस्तों के साथ डुआर्स में पिकनिक मनाने गये थे. वहां से लौटने पर दोलन के बायें पैर के घुटने के पास एक फोड़ा हो गया जो तेज दर्द करने लगा था. चूंकि दोनों भाई एक ही कमरे में सोये हुए थे इसलिये प्रदीप दाम को भी वहीं परेशानी शुरु हुई जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिवारवालों का मानना है कि किसी अज्ञात कीड़ा के काटने से हुए संक्रमण से वह बीमारी एक भाई से दूसरे भाई में फैली. लेकिन स्वास्थ्य विभाग के नवीनतम निषकर्ष के अनुसार ये मौतें स्क्रब टाइफस से नहीं हुई हैं. इससे स्थानीय ग्रामीणों के संक्रामक रोग की आशंका समाप्त हो गयी है जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है. ब्रह्मतलपाड़ा में ब्लिचिंग पाउडर और मच्छर मारने वाले तेल का छिड़काव किया जा रहा है. गौरतलब है कि मृत दोनों भाईयों की डेथ सर्टिफिकेट में किसी संक्रामक रोग का उल्लेख नहीं है.
जिले के डिप्टी सीएमओ डॉ. देवाशीष सरकार ने बताया कि उत्तरबंगाल मेडिल कॉलेज की रक्त जांच रिपोर्ट में स्क्रब टाइफस या डेंगू का उल्लेख नहीं है. इसके बावजूद हम लोग जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से लेकर सिलीगुड़ी के नर्सिंग होम की रिपोर्ट की भी पड़ताल की जायेगी. उन्होंने बताया कि प्रदीप दाम को 12 साल पहले जीभ में कैंसर हुआ था जिसके लिये उन्होंने केमो लिया था. उस पहलू से भी जांच की जायेगी.
