बिन्नागुड़ी : भाजपा विधायक व पश्चिम बंगाल के प्रदेश सचिव मनोज तिग्गा भाजपा विधायक मनोज तिग्गा ने कहा कि नागरिकता संशोधन एक्ट से किसी भी संप्रदाय को आतंकित एवं डरने की जरूरत नहीं है. यह एक्ट बांग्लादेश पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान से आये अल्पसंख्यक समुदाय को नागरिकता देने का बिल है. इस बिल में किसी की भी नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं है. भारत के भूमि पुत्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह कानून बना है.
सीएए से किसी भी संप्रदाय को डरने की जरूरत नहीं : तिग्गा
बिन्नागुड़ी : भाजपा विधायक व पश्चिम बंगाल के प्रदेश सचिव मनोज तिग्गा भाजपा विधायक मनोज तिग्गा ने कहा कि नागरिकता संशोधन एक्ट से किसी भी संप्रदाय को आतंकित एवं डरने की जरूरत नहीं है. यह एक्ट बांग्लादेश पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान से आये अल्पसंख्यक समुदाय को नागरिकता देने का बिल है. इस बिल में किसी की […]

श्री तिग्गा ने कहा कि भारतवर्ष में सभी संप्रदाय के लोग एक साथ मिलजुल कर रहते हैं. विरोधी दल के लोग देश में अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश में लगे है. उन्होंने कहा कि देश के कुछ राजनीतिक पार्टियां देश के मुसलमानों को गुमराह करने में जुटी है, जबकि वास्तविकता यह है कि भारत में अल्पसंख्यक समुदाय देश के सर्वोच्च पदों में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं. मनोज तिग्गा ने बताया कि भारत और पाकिस्तान देश का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ है.
लियाकत संधि में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू एवं लियाकत अली के बीच हुए समझौते के अनुसार दोनों देश के अल्पसंख्यकों को सुरक्षा एवं उन्नयन की जिम्मेवारी दोनों देश के ऊपर थी, लेकिन भारत ने जहां इन जिम्मेदारियों को बखूबी से निभाया, लेकिन वही पड़ोसी देश पाकिस्तान में अल्पसंख्यक की स्थिति काफी दयनीय अवस्था में पहुंच गयी. इसके कारण काफी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अफगानिस्तान से भारत में आये हैं.
इन अल्पसंख्यक समुदाय जो धार्मिक उत्पीड़न की शिकार हुए हैं, उन्हें नागरिकता दिये जाने को लेकर ही नागरिकता बिल संसद में लाना पड़ा है. उन्होंने बताया जो अवैध रूप से भारत में आये है, वह अनुप्रवेशकारी है एवं जो भाषा संस्कृति एवं धर्म की रक्षा को लेकर भारत में शरण लिए हैं, हुए शरणार्थी है.
इन शरणार्थियों को नागरिकता दिए जाने को लेकर नागरिकता संशोधन एक्ट पारित किया गया है. उन्होंने बताया आज देशभर में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ में जिस तरह से हिंसक आंदोलन हुए हैं यह ठीक नहीं है. गणतांत्रिक देश में सभी को अपनी आवाज उठाना, विरोध करना उनका अधिकार है, लेकिन जिस तरह से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए हिंसक आंदोलन किये गये हैं, यह पूरी तरह से गैरकानूनी है.
सरकारी संपत्ति नष्ट करने वाले अपराधियों के ऊपर सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने बताया अभी तक सरकार एनआरसी को लेकर किसी प्रकार की बिल लेकर नहीं आयी है फिर भी एनआरसी को लेकर लोगों को दिग्भ्रमित करने का कार्य विरोधी दल कर रहे हैं. नागरिकता संशोधन बिल के समर्थन में भाजपा बूथ स्तर पर जाकर लोगों को इस विषय पर जानकारी देंगे.