सिलीगुड़ी : शहर के खालपाड़ा रेडलाइट इलाके में पुलिस, इंफोर्समेंट ब्रांच व कंचनजंघा उद्धार केन्द्र के संयुक्त प्रयास से देह व्यापार के दलदल में फंसी असम की एक 20 वर्षीया युवती को बरामद किया गया. बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीने से उस युवती से जबरन धंधा कराया जा रहा था. रविवार युवती को सिलीगुड़ी कोर्ट में पेश कर उसे सेल्टर होम में भेज दिया गया.
खालापाड़ा रेड लाइट इलाके से असम की युवती बरामद
सिलीगुड़ी : शहर के खालपाड़ा रेडलाइट इलाके में पुलिस, इंफोर्समेंट ब्रांच व कंचनजंघा उद्धार केन्द्र के संयुक्त प्रयास से देह व्यापार के दलदल में फंसी असम की एक 20 वर्षीया युवती को बरामद किया गया. बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीने से उस युवती से जबरन धंधा कराया जा रहा था. रविवार युवती […]

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार असम निवासी युवती के घर में मां तथा छोटी बहन है. जब वह कक्षा 6 में थी तो उसके पिता की मौत हो गई थी. इसके बाद परिवार का पेट पालने के लिए वह अपनी मौसेरी दीदी के साथ चेन्नई चली गई. इतने सालों तक वहीं काम करने के बाद चार महीने पहले उसने अपनी मौसेरी दीदी से घर लौटने की इच्छा जाहिर की. बताया जा रहा है कि मौसेरी दीदी ने ही अपने पति के एक दोस्त के साथ उसे चेन्नई से असम भेजा था.
साथ आये युवक ने पीड़ित युवती को बताया था कि सिलीगुड़ी में उसकी दीदी रहती है. जिस वजह से वह पहले अपने दीदी के घर जायेगा. उसके बाद ही युवती को असम उसके घर छोड़ेगा. युवक के बहकावे में आकर पीड़िता भी उसके साथ सिलीगुड़ी आ गई. युवक ने खाने में नींद की दवा खिला बेहोश कर उसे खालापाड़ा रेडलाइट इलाके में मोना नाम की महिला के हाथों बेच दिया. पीड़िता ने बताया कि मोना जबरन उससे देहव्यापार का धंधा करवाती थी.
इस मामले को लेकर कंचनजंघा उद्धार केन्द्र की सचिव रंगु सौरिया ने बताया कि पीड़िता तीन महीने से उस दलदल में फंसी थी. इस बात का पता चलते ही उन लोगों ने तहकीकात शुरू कर दी.
सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के इंफोर्समेंट ब्रांच तथा खालपाड़ा आउटपोस्ट को पूरे मामले से अवगत कराया गया. शनिवार रात को खालपाड़ा आउट पोस्ट की पुलिस व इंफोर्सर्मेंट ब्रांच के साथ अभियान चलाकर युवती को बरामद किया गया. रंगू सौरिया ने बताया कि मोना नाम की महिला युवती के साथ मारपीट करके उससे जबरदस्ती देह व्यापार का धंधा करवाती थी.
युवती को सेल्टर होम भेज दिया गया है. जहां उसकी काउंसलिंग करायी जायेगी. उन्होंने कहा कि संस्था युवती के परिवार वालों से भी संपर्क साधने का प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि अगर परिवार ने युवती को अपनाने से मना कर दिया तो उसे सिलीगुड़ी में रखकर स्वनिर्भर बनाया जायेगा.