पारंपरिक खेती के स्थान पर फूलों की खेती से हो रहा मुनाफा

कालियागंज : उत्तर दिनाजपुर जिले के किसान धान, गेहूं, पटुआ व सरसों की खेती के स्थान पर पिछले एक साल से फूलों की खेती कर काफी मुनाफा कमा रहे हैं. कृषि प्रधान जिले के तौर पर परिचित उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज ब्लॉक का शिवबाड़ी इलाका इनदिनों फूलों से रंगीन है. यहां के किसान अबतक […]

कालियागंज : उत्तर दिनाजपुर जिले के किसान धान, गेहूं, पटुआ व सरसों की खेती के स्थान पर पिछले एक साल से फूलों की खेती कर काफी मुनाफा कमा रहे हैं. कृषि प्रधान जिले के तौर पर परिचित उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज ब्लॉक का शिवबाड़ी इलाका इनदिनों फूलों से रंगीन है. यहां के किसान अबतक धान, गेहूं की पारंपरिक खेती करते थे.

लेकिन अब किसानों का कहना है कि इसकी कीमत व लागत के बीच ज्यादा अंतर नहीं रह जाता है. इसके स्थान पर पिछले कुछ वर्षों से वह फूलों की खेती करके ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं. पहले थोड़ी सी जमीन पर फूल लगाकर देखा. जब इसमें फायदा नजर आया तो किसान नदिया जिले के राणाघाट से गेंदा फूल के पौधे खरीदकर लाते हैं व इसकी लगातार खेती कर मुनाफा कमा रहें है.
इलाके के एक किसान ने बताया कि आश्विन महीने में पौधा लगाया जाता है. उसने बताया कि एक बीघा जमीन पर 13 हजार रुपये खर्च करने पर उससे दोगुना से ज्यादा फायदा होता है. इससे पारंपरिक खेती से काफी ज्यादा लाभ होता है. सर्दी के दिनों में किसी भी कार्यक्रम के लिए गेंदा फूल की काफी मांग रहती है.
फूल किसान विष्णुपद सरकार ने कहा कि अपनी छोटी से जमीन के पास दूसरे से कुछ और जमीन लीज पर लेकर गेंदे की खेती की है. 12 से 13 हजार रुपये खर्च किया था जो कि एक महीने में ही कमाई हो गयी. उसने बताया कि उसे देखकर इलाके के अन्य किसानों ने भी गेंदा फूल की खेती करना शुरू किया है. जिला कृषि विभाग की ओर से बताया गया है कि वैकल्पिक खेती के लिए कई सरकारी योजनाएं है. काफी कम खर्च में किसान इसका लाभ उठा सकते हैं.

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