सिलीगुड़ी : ठंड के दस्तक देते ही डॉक्टरों द्वारा कई तरह की सावधानी व परहेज बरतने की सलाह दी जाती है. खासकर दिल के मरीजों को खानपान और रहन-सहन में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है. इस संबंध में प्रभात खबर ने आनंदलोक अस्पताल के चीफ कार्डिएक सर्जन डॉ अर्णव माइती से बातचीत की. पेश है बातचीत के प्रमुख अंश.
प्रश्न : क्या ठंड का मौसम हृदय के मरीजों के लिये नुकसानदेह हो सकता है?
उत्तर: ठंड इन दिनों अपने शवाब पर है. इसलिये हमें स्वस्थ रहने के लिये कुछ खास एहतियात बरतनी चाहिये. खासतौर पर दिल के मरीजों को अपने हृदय का विशेष ध्यान रखना चाहिये. उल्लेखनीय है कि जाड़े के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिये हृदय को अधिक रक्त पंप करना होता है जिससे हमारी धमनियों पर दबाव बढ़ जाता है. ऐसे में रक्त का थक्का (क्लोटिंग) जमने की आशंका बढ़ जाती है. इससे कभी कभी हृदयाघात या स्ट्रोक का खतरा रहता है.
प्रश्न: ठंड किस तरह हृदय की गति को प्रभावित करती है?
उत्तर: ठंड का मौसम हृदय पर अतिरिक्त दबाव दे सकता है. खासतौर पर जब आप ठंड के आदी नहीं हैं. इससे आपके रक्त कोशिकाओं के सिकुड़ने से रक्त प्रवाह में कमी आ जाती है. जिससे हृदय को मिलने वाले ऑक्सीजन में भी कमी हो जाती है. परिणामस्वरुप आपका बीपी और हृदय की धड़कन बढ़ जाती है.
प्रश्न: क्या ठंड से ब्लड प्रेशर बढ़ता है?
उत्तर: ठंड में ब्लड प्रेशर आमतौर पर बढ़ जाता है, जबकि गर्मियों में कम हो जाता है. आपके निम्न तापमान से रक्त कोशिकायें सिकुड़ जाती हैं जिससे बीपी बढ़ जाता है. चूंकि रक्त को संकुचित शिराओं (वेन) और धमनियों से होकर गुजरने के लिये अधिक दबाव की जरूरत पड़ती है.
निम्न बातों का ध्यान रखें :
1. मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करें. भोजन में फल को शामिल करें. ब्रोकली, गाजर और फूलगोभी के सूप का सेवन करें.
2. ब्लैक एवं ग्रीन टी सेहत के लिये लाभदायक होती है. इनमें फ्लेवोनॉयेड पाया जाता है जो हमारे बुढ़ापे पर अंकुश लगाता है. जो लोग ग्रीन टी का सेवन करते हैं, उनके हृदय आमतौर पर स्वस्थ पाये गये हैं और उनमें दिल की बीमारी कम होती है.
3. ठंड में शरीर को गर्म रखने के लिये हॉटपॉट का इस्तेमाल करते हुए हरी सब्जियों के सूप को भोजन का हिस्सा बनाना चाहिये. खासतौर पर राजमा, मसूर और काबली चने का उपयोग करें. ताजा फलों का शर्बत नाश्ते में लें.
4. अपने भोजन को सुव्यवस्थित करें. शरीर के वजन को नियंत्रित रखने के लिये चावल, पोस्ता और आलू का कम व संतुलित मात्रा में सेवन करें. सब्जियां अधिक लें. थोड़ी-थोड़ी देर पर हल्का आहार लें.
5. कमरे के अंदर भी शारीरिक रुप से सक्रिय रहें. जैसे योगासन, गेंद, नाच और फुटबॉल का आनंद लें. शरीर को चुस्त रखने के लिये तैराकी के अलावा सामान्य एरोबिक्स किया जा सकता है.
6. बैठकर कम समय बितायें. टीवी शो वगैरह देखने के दौरान जॉगिंग और स्किपिंग करें या नाचें. कमरे में शारीरिक मनोविनोद का आनंद लें. अगर बारिश न हो रही हो तो बाहर जाकर चहलकदमी करें. पैदल या साइकिल पर चलकर बदन को गर्माहट दें. उपरी मंजिलों पर चढ़ने के लिये लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करें. खुद को तरोताजा रखने के लिये दोस्तों के साथ समय बितायें.
