असम हिंसा : पूर्वोत्तर को जानेवाली बसों के थमे पहिये

असम निर्यात होनेवाली मछली व फल का कारोबार भी ठप सिलीगुड़ी : नागरिकता संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया. लेकिन इस बिल का पूर्वोत्तर में भारी विरोध हो रहा है. असम में छात्र संगठन सड़क पर उतर गये हैं. पूर्वोत्तर में लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शन का असर सिलीगुड़ी पर भी […]

असम निर्यात होनेवाली मछली व फल का कारोबार भी ठप

सिलीगुड़ी : नागरिकता संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया. लेकिन इस बिल का पूर्वोत्तर में भारी विरोध हो रहा है. असम में छात्र संगठन सड़क पर उतर गये हैं. पूर्वोत्तर में लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शन का असर सिलीगुड़ी पर भी पड़ रहा है. रेल एवं बस सेवाओं के साथ यहां से जाने वाली खाद्य सामग्री का कारोबार भी मंद पड़ गया है.
वहीं, यात्रियों की कमी के कारण बागडोगरा से असम जानेवाली फ्लाइटें भी रद्द हो गयीं हैं. अरुणाचल प्रदेश, मेघालय समेत अन्य राज्यों में भी विरोध तेज होता जा रहा है. सिलीगुड़ी से पूर्वोत्तर के विभिन्न शहरों को जाने वाली लगभग 20 बसों के पहिये थम गये हैं.
मछली, फल व सब्जी का व्यापार भी प्रभावित : सिलीगुड़ी होलसेल फिश मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव बाप्पी चौधरी ने बताया कि सिलीगुड़ी उत्तर-पूर्व भारत का कॉरिडोर है. उत्तर-पूर्व भारत में अधिकतर खाने-पीने का सामान (खासकर कच्चा माल) सिलीगुड़ी से ही जाता है. सिलीगुड़ी के रेगुलेटेड मार्केट की मछली मंडी से हर रोज आठ से 10 ट्रक मछली का निर्यात होता था.
लेकिन वहां जारी हिंसा के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है. मछली व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है. अगर यह स्थिति कुछ दिन और बरकरार रही तो हालात और खराब हो जायेंगे. ट्रकों से फल व सब्जियों की सप्लाई भी बंद हो गयी है.

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