गुंजरिया से एनजेपी तक चले इंजन के ट्रायल को अधिकारियों बताया सफल
सिलीगुड़ी : एनजेपी-कटिहार रेलखंड पर धुआं रहित रेल चलने की उम्मीद जग गयी है. ट्रायल के तौर पर एनजेपी रेलवे स्टेशन पर पहली बार इलेक्ट्रिक लोको रेल इंजन पहुंचा. अब सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द ही एनजेपी से डीजल इंजन की जगह अब धुंआ रहित इलेक्ट्रकल लोको इंजन ट्रेन सेवा चालू हो जायेगा.
मंगलवार को गुंजरिया स्टेशन से लेकर न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन तक इलेक्ट्रकल लोको इंजन का पहला परीक्षण (ट्रॉयल) संपन्न हुआ. इलेक्ट्रिक ट्रेन ने 65 किलोमीटर की दूरी एक घंटा 40 मिनट में तय किया. इलेक्ट्रकल लोको इंजन के मंगलवार की शाम 6:40 बजे एनजेपी के यार्ड में पहुंचते ही स्टेशन पर रेलवे के अधिकारियों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कर सफलता की खुशियों को साझा किया.
इस विषय पर रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन न्यू जलपाईगुड़ी के चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि पूरा प्रोजेक्ट बरौनी से कटिहार, एनजेपी होते हुए गुवाहाटी तक का है. उन्होंने बताया कि यहां उन्हें कटिहार से लेकर रानीनगर तक काम करना है. उन्होंने बताया कि मार्च 2017 में कटिहार तक का इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा कर दिया गया है. इसी बीच उन्होंने कटिहार से लेकर एनजेपी तक का काम पूरा किया है.
आज इलेक्ट्रकल लोको इंजन का पहला परिक्षण संपन्न हुआ है. इसमें कहीं भी कोई गड़बड़ी नहीं दिखी है. उन्होंने बताया कि परीक्षण के बाद सीआरएस इंस्पेक्शन के लिए कागजात को कटिहार डिवीजन में जमा कर दिया है. उन्होंने बताया कि सर्टिफिकेट मिलने के बाद पैसेंजर ट्रेन सेवा को चालू कर दिया जायेगा.
उन्होंने बताया कि पैसेंजर यार्ड का भी काम लभगभ पूरा हो गया है. इसके अलावे गुड्स ट्रेन चलाने के लिए अभी यार्ड में कुछ काम बाकी है. जिसमें दो माह का समय लगेगा. जिसके बाद एनजेपी तक गुड्स ट्रेन सेवा भी चालू हो जायेगी. उन्होंने बताया कि ये काफी महत्वपूर्ण रूट है. यहां काफी मेल-एक्प्रेस ट्रेनें तथा गुड्स ट्रेन चलती है. रेलवे की इस पहल के बाद अब और ज्यादा ट्रेनें एनएफ रेलवे के साथ जुड़ने लगेगी.
