रायगंज की स्कूल शिक्षिका की है अनोखी कहानी
रायगंज : बहन का जनम से ही दो हाथ अपंग है. इसलिए रायगंज के रांगापुकुर गांव की स्कूल शिक्षिका शोभा मजूमदार भाईफोटा के दिन अपने पैर से ही फोटा देकर भाइयों की मंगल कामना करतीं हैं. मंगलवार को भाईफोटा के दिन शिक्षिका को पैर से भाईफोटा देते हुए भाइयों की लंबी उम्र के लिए कामना करते पाया गया. वहीं दीदी के पैर से फोटा लेकर ही उनके भाई वर्षों से आशीर्वादधन्य हो रहे हैं.
जनम से ही शोभा के दोनों हाथ बेकार है. पिता साधारण सब्जी बिक्रेता है. किसी तरह से विकलांग बेटी व दो बेटों को लेकर परिवार पालते थे. हाथों से लाचार होने के बावजूद शोभा ने पढ़ाई की. शोभा पैर से ही पहले स्लेट पेंसिल व बाद में कॉपी पर लिखना शुरू किया. इसी तरह से उसने एम पास किया. एक ओर गरीबी का कराल अंधेरा दूसरी ओर शारीरिक विकलांगता. इसके बावजूद अपनी हिम्मत के बल पर शोभा ने पढ़ाई के साथ पैर से ही कम्प्यूटर में डिप्लोमा हासिल किया है.
परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए इसके बाद से शोभा एक के बाद एक नौकरी की परीक्षा देने लगी. आखिरकार सफलता मिली व उसे रांगापुकुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका की नौकरी मिल गयी. पैर की उंगली से ही ब्लैक बोर्ड पर चॉक से लिखकर शोभा आज बच्चों को पढ़ा रही है. वहीं शोभा के दोनों भाई पार्थ व विकास दीदी के पैर से फोटा लेकर खुद को गोरवान्वित महसूस करते हैं. उनका कहना है कि उनकी दीदी उनसे इतना प्यार करतीं है ये उनके लिए बड़ी बात है.
