समारोह : एनडीआरएफ के डीजी ने रीजनल रेस्पॉन्स सेंटर का किया उद्घाटन, कहा
आम नागरिकों को भी प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए दिया जायेगा प्रशिक्षण
महिला बटालियन व वालंटियर टीम का होगा गठन
सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल में भी डिजास्टर टीम को और मजबूत किया जायेगा. हर तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित लोगों की संख्या बढ़ाना प्रमुख लक्ष्य है. ये बातें नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फॉर्स (एनडीआरएफ) के महानिदेशक (डीजी) एसएन प्रधान ने बुधवार को सिलीगुड़ी में रीजनल रेस्पॉन्स सेंटर (आरआरसी) के शुभारंभ समारोह के मौके पर कही. उन्होंने शहर से सटे माटीगाड़ा के परिवहन नगर में तीन मंजिला आरआरसी बिल्डिंग का विधिवत् उद्घाटन किया. इस मौके पर उत्तर बंगाल के पुलिस आइजी आनंद कुमार, सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के कमिश्नर (सीपी) त्रिपुरारी अथर्व, एसएसबी, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
समारोह को संबोधित करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएं अधिक होती है और सिलीगुड़ी पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से सटा होने के कारण काफी संवेदनशील इलाका भी है. यही वजह है कि दक्षिण बंगाल के कल्याणी के बाद पूरे उत्तर बंगाल जोन के लिए सिलीगुड़ी में आरआरसी प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है. यहां पूरे उत्तर बंगाल के साथ-साथ सिक्किम के लिए भी डिजास्टर टीम को भी प्रशिक्षित किया जायेगा. तीन मंजिलें इस प्रशिक्षण केंद्र को अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है. फिलहाल यहां दो टीम (100 जवान) एक साथ रहने और प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं.
