कर्सियांग : गोजमुमो कर्सियांग महकमा कमेटी व इसके अग्रिम संगठनों के सदस्यों ने एनआरसी के विरोध में कर्सियांग में रैली निकाली. रैली का आयोजन कर्सियांग मोटर स्टैंड से किया गया. शहर परिक्रमा करते हुए रैली कर्सियांग महकमा शासक कार्यालय परिसर में पहुंची. रैली में गोजमुमो व इसके अग्रिम संगठनों के सदस्यों की खूब भीड़ जमी थी. नारी मोर्चा की वरिष्ठ नेता छिरिंग दहाल की अगुआई में एनआरसी के विरोध में एक ज्ञापन कर्सियांग महकमा शासक देवाशीष चट्टोपाध्याय को देने का कार्य किया गया.
दार्जिलिंग में एनआरसी लागू हुआ तो 90% गोरखा हो जायेंगे बाहरी

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कर्सियांग : गोजमुमो कर्सियांग महकमा कमेटी व इसके अग्रिम संगठनों के सदस्यों ने एनआरसी के विरोध में कर्सियांग में रैली निकाली. रैली का आयोजन कर्सियांग मोटर स्टैंड से किया गया. शहर परिक्रमा करते हुए रैली कर्सियांग महकमा शासक कार्यालय परिसर में पहुंची. रैली में गोजमुमो व इसके अग्रिम संगठनों के सदस्यों की खूब भीड़ जमी […]
ज्ञापन देने के बाद इस आशय की जानकारी देते हुए महकमा शासक कार्यालय परिसर में उपस्थित सदस्यों को छिरिंग दहाल ने गुरुवार को इस कार्यक्रम में उपस्थिति देनेवालों के प्रति आभार जताया. उन्होंने बताया कि दार्जिलिंग में 4 सितंबर हुई गोजमुमो केन्द्रीय कमेटी के सभा में गोजमुमो केन्द्रीय कमेटी के अध्यक्ष विनय तामंग ने एनआरसी को लेकर इस प्रकार से कार्यक्रम आयोजन करने के लिए घोषणा की थी. उसी को ध्यान में रखकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उन्होंने कहा कि हम एनआरसी का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि जिस प्रकार से भारत में एनआरसी को लागू किया जा रहा है, हम उसका विरोध कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि एनआरसी लागू होना व इसके जरिये एनआरसी के राष्ट्रीय खाते में हमारा नाम उल्लेख होना अच्छी बात है, परंतु जमीन के साथ आने के बावजूद हमारे पास आवश्यक कागजात नहीं है. हम दखलकारी की भांति रह रहे हैं. यदि दार्जिलिंग में एनआरसी लागू किया गया, तो ऐसे में दार्जिलिंग पहाड़ तराई डुवार्स आदि क्षेत्र में रहनेवाले करीब नब्बे प्रतिशत गोरखा डीवोटर हो जायेंगे.
उन्होंने बताया कि 105 चाय बागानों में व 119 वन बस्ती इलाकों में रहनेवाले लोगों सहित कई क्षेत्र में रहनेवाले लोगों के पास आवश्यक कागजात नहीं है. यहां तक कि दार्जिलिंग शहर क्षेत्र में रहनेवाले करीब दो हजार लोगों के पास भी जमीन का आवश्यक कागजात नहीं है.