बागानों को दो करोड़ निकासी पर टैक्स से छूट की मांग

सिलीगुड़ी : केंद्रीय बजट से चाय बागान श्रमिकों की परेशानी बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है. केंद्रीय बजट 2019-20 में आयकर कानून की धारा 194 (एम) में एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक नकद रुपये बैंक से निकालने पर दो प्रतिशत का टीडीएस काटे जाने का प्रावधान लाया गया है. इस प्रावधान से […]

सिलीगुड़ी : केंद्रीय बजट से चाय बागान श्रमिकों की परेशानी बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है. केंद्रीय बजट 2019-20 में आयकर कानून की धारा 194 (एम) में एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक नकद रुपये बैंक से निकालने पर दो प्रतिशत का टीडीएस काटे जाने का प्रावधान लाया गया है.

इस प्रावधान से चाय बागानों को बाहर रखने की गुहार लगाकर चाय बागान श्रमिक संगठन ज्वाइंट फोरम ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है.
ज्वाइंट फोरम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चाय बागान श्रमिकों को वेतन, बोनस व अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बागान मालिकों को बैंक से बड़े पैमाने पर नकद की निकासी करनी पड़ता है. प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की निकासी होती है.
इस रकम पर बागान मालिक टैक्स देने को तैयार नहीं हैं. ऐसे में बागान मालिक पक्ष श्रमिकों को बैंक के मार्फत भुगतान करने का राग अलापने लगे हैं. लेकिन चाय बागान इलाकों में बैंक, एटीएम व इंटरनेट की सुविधा ठीक से उपलब्ध नहीं है. कई बागानों से बैंक व एटीएम कोसों दूर हैं. ऐसे में श्रमिकों की समस्या बढ़ जायेगी.
ज्वाइंट फोरम का कहना है कि केंद्र सरकार को पहले बागान इलाकों तक डिजिटल इंडिया को पहुंचाना होगा. फिर श्रमिकों को ऑनलाइन भुगतान करने पर कोई समस्या नहीं होगी. इसलिए केंद्रीय वित्त मंत्री व भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र लिखकर चाय बागानों को नकदी निकासी पर टीडीएस से बाहर रखने की अपील की गयी है.

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