जंगली हाथियों के हमले में नौ घर क्षतिग्रस्त

नागराकाटा के अपर केलाबाड़ी बस्ती में हाथियों ने मचाया तांडव चामुर्ची/नागराकाटा : नागराकाटा ब्लॉक के अपर केलाबाड़ी बस्ती में बुधवार की देर रात से सुबह तक जंगली हाथियों का तांडव चलता रहा. जंगली हाथियों के इस तांडव से ग्रामीण पूरी रात भयभीत रहे. जंगली हाथियों के झुंड ने रात भर इलाके में तांडव मचाया, जिसमें […]

नागराकाटा के अपर केलाबाड़ी बस्ती में हाथियों ने मचाया तांडव

चामुर्ची/नागराकाटा : नागराकाटा ब्लॉक के अपर केलाबाड़ी बस्ती में बुधवार की देर रात से सुबह तक जंगली हाथियों का तांडव चलता रहा. जंगली हाथियों के इस तांडव से ग्रामीण पूरी रात भयभीत रहे. जंगली हाथियों के झुंड ने रात भर इलाके में तांडव मचाया, जिसमें नौ घर क्षतिग्रस्त हो गये. इसकी जानकारी स्थानीय ग्राम पंचायत सदस्य पार्वती छेत्री ने दी.

पंचायत सदस्य से मिली जानकारी के अनुसार अपर केलावाड़ी बस्ती निवासी माइली छेत्री, सीता छेत्री, उमा थापा, वृंदा राय, भीम कुमारी राई के अलावा कई घरों पर देर रात हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया. इसके बाद एक-एक घरों को तहस-नहस करना शुरू कर दिया. पीड़ित महिला का कहना है कि हमलोग रात को गहरी निंद्रा में सो रहे थे. तभी अचानक हाथी की आहट से हमलोगों की नींद खुल गई. उसी दौरान घर के बेड़ा को तोड़ते हुए पूरा घर हिल रहा था.

हाथियों का चीत्कार सुनकर हमलोग भयभीत होकर अपने-अपने घरों को छोड़कर भाग निकले. रात के अंधेरे में भागने दौरान हमलोग गिर भी गये. जिसमें घायल होने से बाल-बाल बच गये. पीड़ितों ने कहा कि हमलोग दैनिक मजदूरी करके प्रतिदिन कुआं खोदने का काम करते हैं और उसी पैसे से पेट की आग बुझाते हैं. कड़ी मेहनत करने के बाद रात को हाथियों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ गया है. हाथियों के आतंक से कई लोगों को चोटें भी आई हैं. पीड़िता के पति कमाने के उद्देश्य से बाहर रहते हैं.

पीड़ित महिलाओं ने आगे बताया कि फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी घर पर आते हैं और क्षतिपूर्ति देने का आश्वासन देकर चले जाते हैं. परंतु हाथियों से बचने के स्थाई समस्या का समाधान नहीं होता दिख रहा है. हमलोग प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि जंगलों में रहने वाले भी इंसान हैं. हमें न्याय मिलना चाहिए. घटना की सूचना अधिकारियों को दे दी गई है.

सूत्रों से पता चलता है कि पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा. घरों में छोटे-छोटे बच्चे भी रहते हैं जो हाथियों के आतंक से काफी भयभीत है. उनका कहना है कि कभी-कभी तो हाथी दिन-दहाड़े भी चले आते हैं. घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया है. अब खाने पीने का भी कोई साधन नहीं रह गया है. घटना की सूचना मिलते घटना की सूचना मिलने के बाद वन अधिकारी मौके पर पहुंचे.

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